#PATNA #BIHAR #INDIA : केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के चेहरे पर स्याही फेंक’कर दो युवक भाग गए। मंगलवार को मंत्री पीएमसीएच में भर्ती डें’गू मरीजों को देखने के बाद केन्द्र सरकार की प्रस्तावित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
मीडिया से बात करने के बाद जैसे ही वे वापस जाने लगे और अपने वाहन के करीब पहुंचे तभी दो युवकों ने यह हरकत की। इससे वहां थोड़ी देर के लिए अफरातफरी मच गई। स्याही फेंककर भाग रहे दोनों युवकों को मंत्री के गार्ड पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे हाथ नहीं आए। सूचना पर टाउन डीएसपी सुरेश प्रसाद ने मामले की जांच की। हालांकि इस मामले में देर शाम तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पायी थी। एसएसपी गरिमा मलिक ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। टाउन डीएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री की ओर से आवेदन नहीं मिला है।

उधर, मंत्री अश्विनी चौबे ने इस घटना पर एक पूर्व सांसद पर बिना नाम लिए हम’ला किया और कहा कि ये वही लोग हैं, जो अपराध जगत से नाता रखते हैं और किसी जमाने में अपरा’ध के क्षेत्र में काफी आगे थे। जनता उनके पहले की सभी करतूतों से अवगत है। वहीं, स्याही फेंकने वाले युवक निशांत ने कहा कि वह पटना में हुए जलजमाव और डेंगू फैलने के बावजूद सरकार की उदासीनता से नाराज है। सोशल मीडिया पर विरोध जताया था तो उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने उसे ब्लॉक कर दिया। विरोध व्यक्त करने के लिए मेरे पास कोई चारा नहीं था, इसलिए हमने यह फैसला लिया।

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य संतोषजनक नहीं
पीएमसीएच परिसर में केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण कार्य को लेकर मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने असंतोष व्यक्त किया और कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लायी जाए। अब भी जमीन की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार में ऐसे तीन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। पटना वाला प्रोजेक्ट करीब 210 करोड़ रुपये का है। यह आठ विभागों का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होगा। इसे नवंबर, 2020 में बनकर तैयार करना है। समय सीमा में अस्पताल का काम पूरा करने के लिए कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। यह प्रोजेक्ट सीपीडब्ल्यूडी के तहत कार्य कर रहा है। अभी इसे करीब 28 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध्ध करा दी गई है।