#BIHAR #INDIA : पिछले दिनों भारी वर्षा से पटना में हुए भी’षण जलजमा’व के मामले में पटना हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता के नहीं रहने के कारण सुनवाई 18 अक्टूबर तक के लिए टाल दी। न्यायमूर्ति शिवाजी पांडे तथा न्यायमूर्ति पार्थसारथी की खंडपीठ ने बुधवार को मामले पर सुनवाई की। इसके पूर्व कोर्ट ने जलजमाव पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस स्थिति के लिए जिम्मेवार किसी भी को भी नहीं बख्शा जायेगा। कोर्ट में उपस्थित वकीलों ने अपने-अपने क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी। उनका कहना था कि नालों की सफाई नहीं किये जाने के कारण वर्षा का पानी नहीं निकल पाया और शहर डूब गया। आ’रोप लगाया कि सरकार की ओर से दो दिनों तक किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई। सामाजिक कार्यकर्ता ने राहत सामग्री दे कइयों की जान बचाई।

जल निकासी में सरकारी तंत्र फेल
कई वकीलों ने कोर्ट में आ’रोप लगाया कि शहर को जलज’माव से मुक्त करने में सरकारी तंत्र पूरी तरह फेल है। प्रत्येक वर्ष वर्षा के पानी से शहर के कई इलाके जलमग्न हो जाते हैं, लेकिन अधिकारी स्थाई समाधान करने की बजाय इधर-उधर कर किसी क्षेत्र से पानी निकाल वाहवाही लूटते हैं। अधिकारियों की लापरवाही और नाकामी से राजधानी पटना की स्थिति नारकीय हो गई है। शहर के बाशिंदे करीब दस दिनों तक घरों में कैद रहे।


