#DIWALI 2019; राशि के हिसाब से करें इस धनतेरस खरीददारी, बरसेगा धन, ये हैं शुभ मुहूर्त..

ज्योतिष विद्वान पंडित राकेश झा शास्त्री का कहना है कि कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 25 अक्टूबर दिन शुक्रवार को धन की देवी के उत्सव का प्रारंभ हो जाएगा। धनतेरस के दिन प्रदो’षकाल में यम को तिल तेल का दीपक घर के बाहर दक्षिण मुख कर रखने से काल-सं’कट, रो’ग, शो’क, भ’य, दुर्घ’टना, मृ’त्यु से बचा जा सकता है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय कलश के साथ भगवान धनवंतरि का अवतरण हुआ। उसी प्रतीक में ऐश्वर्य, धन, सौभाग्य, सुख आदि वृद्धि के लिए बर्तन खरीदने की परम्परा है।धनतेरस इस बार 25 अक्टूबर शुक्रवार को प्रदो’ष त्रयोदशी तिथि में मनाया जाएगा। शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। ज्योतिष विद्वानों का म’त है कि धनतेरस अबू’झ मुहूर्त है।

इसी दिन स्वास्थ्य के देवता भगवान धनवंतरि की जयंती भी मनाई जाती है। धनतेरस के दिन शुक्रवार दिन शुक्र प्रदो’ष भी विद्यमान रहेगा। इसीलिए इस दिन शुक्र प्रदोष और धन त्रयोदशी का महासंयोग बन रहा है। इसके अलावा इस दिन ब्रह्म व सिद्धि योग भी बन रहे हैं। ऐसा महासंयोग शताब्दी वर्षों के बाद दोबारा बन रहा है। इस दिन जो भी शुभ कार्य व खरीदारी की जाए, वह समृद्धिकारक होती है। इस दिन झाड़ू खरीदने की अनोखी परम्परा है। मान्यता है कि इस दिन झाड़ू खरीदने से दरि’द्रता दूर होती है। धनतेरस के दिन लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, सोना, चांदी, रत्न आदि की खरीदारी की जाती है. धनतेरस पर आभूषण के साथ नए सामानों की खरीदारी काफी शुभ फलदायक होती है। इस पर यदि राशि के हिसाब से खरीद की जाए तो धन की वर्षा होती है। ज्योतिष विद्वानों का कहना है कि धनतेरस पर नए सामानों की खरीद की परम्परा वर्षों पुरानी है और इस बार काफी अद्भुत संयोग भी बन रहा है, जो जनमानस के लिए शुभ फल देने वाला है।

वृष लग्न- शाम 07:00 से 08:56 बजे तक

राशि के अनुसार करें खरीदारी, होगी भाग्य में वृद्धि

गुली मुहूर्त- सुबह 07:09 से 08:44 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 11:11 से 11 :56 बजे तक

स्थिर लग्न – प्रात: 07:07 से 09:15 बजे तक

मेष – चांदी या तांबा के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान

वृष – चांदी या तांबे के बर्तन

मिथुन – स्वर्ण आभूषण, स्टील के बर्तन, हरे रंग के घरेलू सामान, पर्दा

कर्क – चांदी के आभूषण, बर्तन

सिंह – तांबे के बर्तन, वस्त्र, सोना

कन्या – गणेश की मूर्ति, सोना या चांदी के आभूषण, कलश

तुला- वस्त्र, सौंदर्य या सजावट सामग्री, चांदी या स्टील के बर्तन

वृश्चिक – इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सोने के आभूषण, बर्तन

धनु – स्वर्ण आभूषण, तांबे के बर्तन

मकर – वस्त्र, वाहन, चांदी के बर्तन

कुम्भ – सौंन्दर्य के सामान, स्वर्ण, ताम्र पात्र, जूता-चप्पल

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