#PATNA #BIHAR #INDIA : दिवाली पर बाजारों के हालात खत’रनाक हैं। एक छोटी सी चिंगारी कुछ ही क्षणों में दिवाली की खुशियां काफूर करने के लिए काफी है। जी हां, शायद ही कोई इलाका हो, जहां पटाखों की दुकानें न सजी हो। इन दुकानों के पास आग से बचने के किसी तरह के इंतजाम नहीं हैं। जबकि इसके तय नियम हैं। ऐसे-ऐसे पटाखे सजे हैं, जो हमारी सेहत के साथ ही पर्यावरण की सेहत भी बिगाड़ेंगे। परंतु सरकारी मशीनरी मेहरबान है। उन्हें कुछ नहीं दिख रहा। कागजों में टीमों का गठन कर दिया गया है, जांचें भी चल रही हैं। पर हकीकत की तस्वीर उलट है।

राजधानी के मोहल्लों से लेकर मुख्य बाजार पटाखों की दुकानें से पट गए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन से लेकर प्रदूषण नियंत्रण विभाग तक एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं। ईश्वर न करे बीच बाजार पटाखों की दुकानों में कोई अनहोनी हो जाए। परंतु अफसर पहले नहीं चेतते हैं। कोई अनहोनी होने के बाद ही सारी कवायद शुरू होती है। ऐसा ही इस बार भी हो रहा है। डाक बंगला, बोरिंग रोड, बेली रोड, अशोक राजपथ, अनीसाबाद, बेऊर, राजीवनगर, कंकड़बाग, राजेंद्रनगर, अशोक नगर आदि इलाकों में धड़ल्ले से प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री हो रही है। साथ ही आग से बचने के कोई इंतजाम भी नहीं हैं।सबसे अधिक आवाज वाले पटाखे की कीमत 300 रुपए मिली।