नई दिल्ली: तीस हजारी कोर्ट में वकीलों (Lawyers) और पुलिसकर्मियों (Police) के बीच हुई हिं’सा के मामले में जहां पुलिसकर्मियों का दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रदर्शन जारी है, वहीं पुलिसवालों के परिवारवालों ने नरेला इलाके में सड़क जाम कर दी. इंडिया गेट पर भी पुलिसवालों के परिवारवालों ने मार्च निकाला और निलंबित पुलिसकर्मियों को बहाल करने की मांग की. ताजा जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे पुलिसकर्मियों ने उच्च अधिकारियों के आश्वासन और अपील के बाद अपना 10 घंटे तक चला विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया है. पुलिसकर्मी अब कैंडल मार्च कर रहे हैं. आईटीओ से प्रीत विहार जाने वाले मार्ग को खोल दिया गया है. ट्रैफिक चालू कर दिया है.

दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी नॉर्दन रेंज देवेश श्रीवास्तव ने कहा है कि पुलिसवालों की ज्यादा से ज्यादा मांगें मानी जाएंगी. ताजा जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे पुलिसकर्मियों ने उच्च अधिकारियों के आश्वासन और अपील के बाद विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया है. इससे पहले स्पेशल सीपी सतीश गोलचा ने कहा, ‘तीस हजारी में हुई हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों को 25-25 हजार रुपये मुआवजा दिया जाएगा. मैं आप सभी से प्रार्थना करता हूं कि आप अपनी ड्यूटी ज्वाइन करें.’ पुलिस अधिकारियों के बार बार समझाने के बावजूद पुलिसकर्मी मान नहीं रहे हैं. ज्वाइंट सीपी ने कहा कि सभी जायज मान ली गई है, आज धरना खत्म नहीं किया तो पुलिस की बेइज्जती होगी. लेकिन प्रदर्शन कर रहे पुलिसवाले मानने को तैयार नहीं हुए.

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक को सलाह दी. एलजी ने कहा है कि घायल पुलिसकर्मियों से मिलकर उनका हौंसला बढ़ाएं, उनके परिवार को सांत्वना दें. घायल पुलिसवालों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए. सूत्रों के हवाले से खबर है कि गृह मंत्रालय इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है. MHA के सूत्रों ने बताया है, ‘न्यायिक जांच चल रही है और उस जांच के निष्कर्ष का इंतज़ार करना चाहिए.’ दिल्ली चंड़ीगढ़ हाईवे पर पुलिसकर्मियों के परिवारवालों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के चलते लंबा ट्रैफिक जाम लगने की ख़बर आई.

ज्वाइंट सीपी देवेश श्रीवास्तव ने कहा, ‘अभी आप लोगों की बातें सुनी, आपके कुछ लोगों से बातें की…आपकी बातें जायज है…..अगर आपको अपने सीनियर अफसर पर विश्वास है तो मैं यह कहना चाहता हूं कि आपकी पूरी बात मानी जाएगी. घायल साथी के इलाज करवाया जा रहा है. हमने FIR दर्ज किया है. उनके खिलाफ करवाई की जायेगी…जो आप लोग मांग उठा रहे हैं वो वेलफेयर मीटिंग में उठा सकते हैं…हम कानून के रखवाले हैं….आप सभी पूरे देश के लिए डिसिप्लीन के लिए जाने जाते हैं.’ ज्वाइंट सीपी ने यह भी आश्वासन दिया कि प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा. इससे पहले दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी राजेश खुराना ने भी पुलिसकर्मियों से अपील की, ‘आप लोग जल्द ही अपना प्रदर्शन समाप्त करें. सीपी साहब हमारे परिवार के अभिवावक हैं, हमें उनकी बात माननी चाहिए. न्यायायिक प्रकिया पर भरोसा रखे.’ लेकिन पुलिसकर्मियों ने ‘वी वॉन्ट जस्टिस’ के नारे लगाए और ज्वाइंट सीपी को अपनी बात जल्दी ही समाप्त करनी पड़ी.

इंडिया गेट पर पुलिसकर्मियों के परिवारवालों ने प्रदर्शन किया. उनकी मांग है कि तीस हजारी हिंसा मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के तबादले व निलंबन वापस लिए जाएं. पुलिसवालों ने मांग की कि हिं’सा में शामिल वकीलों पर कार्रवाई हो. ट्रैफिक पुलिस वकीलों के साथ कोई नरमी नहीं बरतें. अदालतों से पूरी तरह से पुलिस सुरक्षा हटा ली जाए. वहीं दिल्ली के साकेत कोर्ट सोमवार को जिस बाइक सवार पुलिसकर्मी की पिटाई की.उस मामले में केस दर्ज हो गया है. बाइक सवार कॉन्स्टेबल का नाम करण है और वह महरौली थाने में तैनात हैै. सरकारी काम के सिलसिले में कोर्ट आया था, तभी वकीलों ने उसके साथ मारपीट की.

इस बीच पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन को लेकर उपराज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक बुलाई है. पुलिस कमिश्नर ने भी मुख्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक बुलाई है. इससे पहले प्रदर्शन कर रहे पुलिसवालों से पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने कहा है कि यह दिल्ली पुलिस के लिए परीक्षा, प्रतीक्षा और अपेक्षा की घड़ी है. उन्होंने कहा कि यह याद रखें कि हम अपना बर्ताव कानून के रखवाले की तरह करें. दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने कहा की पुलिस वालों से मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी. इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर ने पुलिसकर्मियों से काम पर लौट जाने की भी अपील की. हालांकि पुलिस कमिश्नर की आश्वासन के बाद भी प्रदर्शन कर रहे पुलिसवाले नहीं माने और वह अब भी पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर डटे हैं. बता दें प्रदर्शनकारी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रहे हैं.