#MAHARASHTRA #INDIA : महाराष्ट्र में सियासी उठापटक में सोमवार का दिन काफी अहम हो सकता है। राजनीतिक दल जहां दिल्ली से मुंबई तक मोर्चेबंदी में जुटे हुए है। वहीं शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला ले सकता है कि महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट तुरंत हो या नहीं। वहीं, महाराष्ट्र में तीनों दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने में लगे रहे। बीजेपी ने भी अपने विधायकों के साथ बैठक कर उन्हें भरोसे में लिया। इससे पहले शीर्ष कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र व महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया।

न्यायमूर्ति एनवी रमन, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा, वे राष्ट्रपति शासन हटाने की अनुशंसा व सरकार बनाने का आमंत्रण देने वाले दस्तावेज देखना चाहते हैं। इस मामले में सोमवार सुबह 10:30 बजे सुनवाई होगी। पीठ ने मुख्यमंत्री फडणवीस और उप मुख्यमंत्री अजित पवार को भी नोटिस जारी किया। अदालत ने दस्तावेज पेश करने के लिए दो दिन का समय देने के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध को भी नहीं माना। कोर्ट ने कहा, दस्तावेज सोमवार को ही पेश किए जाएं। इससे पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि शक्ति परीक्षण तुरंत कराना चाहिए। इस पर अदालत ने कहा, इसमें दो राय नहीं कि शक्ति परीक्षण बहुमत साबित करने का अच्छा तरीका है। लेकिन पहले दस्तावेज देखने जरूरी हैं।

