#UP #INDIA : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पीएफ घोटालेबाजों की सम्पत्ति जब्त करके बिजली कर्मचारियों की पाई-पाई वापस कराई जाएगी। संविधान दिवस के मौके पर आयोजित विधानपरिषद के विशेष सत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि पीएफ घोटाले की शुरुआत दिसम्बर 2016 में हो गई थी। एपी मिश्र का बगैर नाम लिए उन्होंने कहा कि उस समय के एमडी का कार्यकाल बगैर कैबिनेट की मंजूरी के आखिर कौन बार-बार बढ़ा रहा था। तत्कालीन प्रदेश सरकार का सबसे प्रिय अधिकारी घोटाले का मास्टरमाइंड हैं। जिसे मौजूदा सरकार ने जेल में ढूंसने का काम किया है। कर्मचारियों से सरकार ने वादा किया है कि कर्मचारियों का पैसा पूरा वापस करेगे। साथ ही जो भ्रष्ट हैं, उनपर कार्यवाही भी होगी।
सीएम योगी ने कहा, ‘सपा के कार्यकाल में एक्सप्रेस वे में भी खेल होता था। सपा सरकार में 340 किलोमीटर लंबा और 110 मीटर चौड़ा ‘पूर्वांचल एक्सप्रेस वे’ 15,200 करोड़ में बन रहा था। वही एक्सप्रेस वे हमारी सरकार पहले के मुकाबले 10 मीटर ज्यादा चौड़ाई के साथ 11,800 करोड़ में बना रही है। हमने भाजपा एम्बुलेंस सेवा नाम से कोई योजना नहीं शुरू की। पेंशन योजना के नाम में भाजपा का नाम नहीं जोड़ा। पार्टी अलग होती है सरकार अलग।’ सपा सदस्यों के यह कहने पर संविधान में समाजवादी शब्द है। सीएम ने कहा, ‘यह शब्द भी 1976 में जुड़ा था। आप लोग इमरजेंसी के समर्थक हैं। मैं रामराज्य का समर्थक हूं। यह देश गांधी के रामराज्य पर चलता है हम उसको लेकर ही चल रहे हैं।’


