#BIHAR #INDIA : राज्य के 56 प्रतिशत लोकसभा सांसदों पर अप’राध के गं’भीर मामले दर्ज हैं। वहीं, 39 प्रतिशत विधायकों पर भी अप’राध के गंभी’र मामले हैं। अप’राध के ये मामले इन्हीं निर्वाचित प्रतिनिधियों ने खुद घोषित किए हैं। बिहार इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) ने बिहार से लोकसभा और विधानसभा चुनाव जीतने वाले प्रतिनिधियों के शपथ पत्र का विश्लेषण करने के बाद यह नतीजा निकाला है।

विश्लेषण से पता लगा कि राज्य के 82 प्रतिशत सांसदों और 57 प्रतिशत विधायकों पर आप’राधिक मामले हैं। विश्लेषण के समय राज्य में 39 सांसद थे। उनमें 32 पर आप’राधिक मामले और कुल 243 विधायकों में 138 पर आप’राधिक मामले दर्ज हैं। एक विधायक पर दुष्’कर्म और तीन पर महिलाओं के खिलाफ आ’पराध के मामले दर्ज हैं। 95 अन्य विधायकों पर घोषित अपराध के मामले हैं। पर अगर सासंदों पर महिला अपराध के आरोपों की बात करें तो ये आंकड़ा शून्य है। यानी कोई भी बिहारी सांसद महिलाओं से जुड़े अपराध में सीधे संलिप्त नहीं पाया गया।

2015 के विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों का भी विश्लेषण
वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो 3470 उम्मीदवारों के रिकार्ड को खंगाला गया तो इसमें भी 30 फीसदी उम्मीदवार ऐसे पाए गए जिनपर आप’राधिक मामले दर्ज थे। यानी 1048 उम्मीदवारों पर आ’पराधिक मामले थे। वहीं 23 फीसदी यानी 802 उम्मीदवारों पर गंभीर मामले दर्ज थे। दो फीसदी यानी 61 उम्मीदवारों पर महिलाओं से अप’राध के मामले दर्ज हैं। 10 प्रत्याशी पर बला’त्कार के मामले थे।

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