15 जनवरी को मकर संक्रांति, इस विशेष मुहूर्त में करें स्नान और दान

Makar Sankranti 2020: माघ मास का दूसरा प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति 15 जनवरी, बुधवार को श्रद्धा, उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसी दिन लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन स्थल संगम में पुण्य की कामना के साथ डुबकी लगाएंगे। संगम स्नान के बाद तिल, खिचड़ी, अन्न, द्रव्य आदि दान करेंगे। दान के साथ भगवान भाष्कर का पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। ज्योतिषीय आधार पर बुधवार को सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी दिन उत्सवधर्मिता का प्रतीक खिचड़ी पर्व परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश के साथ खरमास खत्म हो जाएगा। मकर संक्रांति पर शोभन योग का विशेष संयोग फलदायी रहेगा।

मुंडन का खास महत्व: माघ मेले में आने वाले श्रद्धालु प्रयाग में मुंडन जरूर कराते हैं। मान्यता है कि गया पिंडदान, कुरुक्षेत्र में दान, काशी में देह त्याग और प्रयाग में मुंडन (क्षौर कर्म)कराने का सनातन विधान है। शास्त्रों में कहा गया है कि यदि प्रयाग में मुंडन न कराया गया तो शेष तीनों तीर्थों पर किए गए सारे कर्मकांड व्यर्थ हो जाते हैं। मुंडन के बाद संगम में स्नान करने के समस्त फल की प्राप्ति होती है।
दान का महत्व: प्रयाग में दान की सदियों से विशिष्ट परंपरा रही है। सम्राट हर्षवर्धन ने संगम में सर्वस्व दान कर दिया था। यहां दान देने से अक्षयफल प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार यह देवताओं की संस्कार की हुई भूमि है। यहां दिया हुआ थोड़ा सा दान भी महान होता है।

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