MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : समाज के अंतिम पायदान पर गुजर-बसर करने वाले लोगों को सामुदायिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आमतौर पर ऐसे तबके के लोगों को खासकर गरीब-गुरबो एवं महिलाओं को आर्थिक तंगी और भूमि के अभाव के कारण शौचालय बनाना ,इन परिवारों के बूते के बाहर की चीज होती है। संसाधन एवं जमीन के अभाव में ऐसे लोग/परिवार शौचालय बनवाने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक शौचालय का निर्माण इनके लिए खुशी का सबब लेकर आया है।

उक्त बात जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर, आलोक रंजन घोष ने सामुदायिक शौचालय पर आधारित आयोजित कार्यशाला में कही। उक्त कार्यशाला का आयोजन समाहरणालय स्थित नए सभागार में आयोजित किया गया। जिलाधिकारी ने उपस्थित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को एवं पंचायती राज विभाग के नवनियुक्त तकनीकी सहायकों को संबोधित करते हुए कहा कहा कि 20 फरवरी तक प्रत्येक पंचायत में 2-2 यानि कुल 770 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जाना है।निर्देश दिया कि हर-हाल में निर्धारित अवधि तक शौचालय का निर्माण करा लें। उन्होंने कहा की इस योजना के तहत वैसे परिवारों को इसका लाभ मिलेगा जिनके पास घर तो है परंतु आर्थिक तंगी के कारण शौचालय से वे महरूम हैं।

मालूम हो कि जिले में अभी तक 25 सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जा चुका है, वही 100 सामुदायिक शौचालयों का प्रथम चरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया की जागरूकता सृजन और स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से स्थाई स्वच्छता को बढ़ावा देकर समुदाय को और पंचायती राज संस्थाओं को प्रेरित करें। साथ ही जन समुदाय में व्यवहार परिवर्तन के मद्देनजर जागरूकता कार्यक्रमो का नियमित रूप से आयोजन करें। उन्होंने कहा की प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सामुदायिक शौचालय निर्माण का सतत अनुश्रवण करेंगे एवं जिला स्तर पर डीआरडीए निदेशक का अनुश्रवण होगा।

जिला स्तर पर इसके लिए नियंत्रण कक्ष की स्थापना भी की जाएगी। कार्यशाला में सामुदायिक शौचालय के निर्माण संबंधी सभी तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। एवं मनरेगा के अभियंताओं के द्वारा उपस्थित पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यशाला में उप विकास आयुक्त उज्ज्वल कुमार सिंह, डीआरडीए निदेशक ज्योति कुमार, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी कमल सिंह, मनरेगा के कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता, सभी बीडीओ, नवनियुक्त तकनीकी सहायक आदि उपस्थित थे।
