व्यवहार न्यायालय बेनीपट्टी परिसर में शुक्रवार को आठ कुत्ते मृ’त पाए गए। इससे सनसनी मच गई है। एसीजेएम प्रीतम कुमार रतन ने मामले को गं’भीरता से लेते हुए त्वरित पटना हाईकोर्ट को सूचना दी। वहां से मधुबनी प्रशासन व न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए।
इसके बाद एसीजेएम के साथ मधुबनी के जिला पशुपालन पदाधिकारी रामाशंकर झा, अनुमंडल पशुपालन पदाधिकारी डॉ. सुमन कुमार एवं पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शंभुनारायण झा, लोक अभियोजक पदाधिकारी राजदेव तिवारी ने व्यवहार न्यायालय परिसर में इसका जायजा लिया।
जिला पशुपालन पदाधिकारी व अनुमंडल पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद सैंपल को जांच के लिए पटना प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। इन रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। हालांकि, दोनों पदाधिकारी ने प्रथम दुष्टिया अचानक अधिक धूप होने से भी कुत्तों की मौ’त होने की बात कह रहे हैं। साथ ही लोगों से अपील की है कि कोई भी पशु या पक्षी के मरने के बाद यत्र-तत्र नहीं फेंकें। वहीं इसे हाथ से नहीं लगाएं।