को’रोना का सं’कट बड़ा है। संसाधनों का भी अ’भाव है। ऐसे में कमी का रो’ना रो’ने की बजाय नौबतपुर की महिलाओं ने आंगन की तुलसी और पूजा के कपूर से ही सैनिटाइजर बनाकर गांव के घरों को स्वच्छ करने की ठान ली है। इनके प्रयास की चर्चा दूर-दूर तक हो है।

नौबतपुर के जीविका से जुड़े आजाद एवं हिमालय ग्राम संगठन की गीता रंजन, हेमंती देवी, पूरनमासी जैसी दर्जनों महिलाएं आज हर ओर चर्चा का विषय बनी हुईं हैं। कहने को के ये कम पढ़ी-लिखी हैं। शब्दों का ज्ञान कम है। जब देश-दुनिया पर संकट के बादल छाए, तब इनके ज्ञान चक्षु ने इन्हें अपने दायरे में रहकर ही सही, सेवा भाव की प्रेरणा दी। दादी-नानी की कहानियां याद आई और तुलसी, लांग, कपूर के औषधीय गुणों का भान हुआ।
दीदियां पैसों से बहुत संपन्न नहीं हैं, फिर भी सेवा भाव से सीमित साधन में ही गांव के घरों को सैनिटाइज कर रही हैं। तुलसी, कपूर, लांग को डेटॉल के साथ मिलाकर घोल तैयार कर रही हैं। तीन सौ किलो ब्लीचिंग पाउडर और चूना मंगाकर तैयार हर्बल घोल को उसमें मिश्रित कर छोटे-छोटे पैकेट तैयार कर रहीं हैं। उस पैकेट को जीविका की ये दीदियां गांव में घर-घर जाकर बांट रही हैं।