
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : मुजफ्फरपुर जिला अभी दो-दो चुनौ’तियों का सामना कर रहा है. एक तरफ वैश्विक महामारी कोरोना वाय’रस का खौ’फ तो वहीं दूसरी और गर्मी आते ही एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) /चम’की बुखा’र का क’हर.

इस साल एईएस/चम’की बु’खार की यह दस्तक इसलिए बड़े संक’ट की ओर इशारा कर रही है क्योंकि मौजूदा वक़्त में बिहार का पूरा स्वास्थ्य विभाग कोरोना महामा’री से निप’टने की तैयारियों में जुटा हुआ है. इन दो चुनौ’तियों के बीच मुजफ्फरपुर शहर का हाल बदहा’ल है. मुजफ्फरपुर जिले के चारों ओर के जिले कोरोना संक्र’मित हो चुके हैं.

मुजफ्फरपुर में भी इस महामा’री को लेकर द’हशत का’यम है. मुजफ्फरपुर नगर निगम और जिला प्रशासन इन चुनौ’तियों के प्रति कितना गंभी’र है इसका प्रत्यक्ष प्रमाण जिले में यत्र-तत्र बिखरे कू’ड़ों कच’रों के अम्बार खुद ही बयां कर रहे हैं. जिले के हर गली मोहल्लों में कू’ड़ा डंपिंग पॉइंट और चौक चौराहों पर विगत 3-4 दिनों से पड़े कूड़े-कच’रों के ढ़ेर को आवा’रा पशु बि’खेर कर पूरे इलाकों में गंद’गी फैला रहे हैं.

विगत 3-4 दिनों से क’चरों का उठा’व नहीं होने के कारण चारों तरफ गं’दगी फैली है. स्थानीय निवासियों और रास्तों से आने-जाने वाले लोगों को काफी परे’शानी का सामना करना पड़ रहा है. कच’रों के स’ड़ांध के कारण रास्ते से गुज’रना मुश्कि’ल हो रहा हैं. कई लोगों ने यहाँ तक कहा है की वैश्विक महामारी के बीच नगर विकास व आवास मंत्री द्वारा शहर को कू’ड़ों से सै’निटाइज किया जा रहा है.

जिले के कई इलाकों में सै’निटाइजेशन का कार्य नहीं किये जाने की भी शि’कायतें प्राप्त हुई है. लोगों ने बताया की-“मुख्य सड़कों और चौक-चौराहों पर सैनि’टाइजेशन का कार्य हुआ, पर कई मुहल्लों के अंदर, संकरी गलियों में सै’निटाइजेशन का काम नहीं किया गया है. अधिकारियों को दिखाने हेतु और फोटो खिच’वाने हेतु कुछ जगहों पर मु’ख्य स्थानों पर सैनि’टाइज कर महज खानापूर्ति की गई है.”

ऐसे में यह सवा’ल लाजिमी है की, क्या ऐसे ही मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन और नगर निगम इन दो-दो गं’भीर चुनौ’तियों के नि’पट पाने का दम्भ भर रही है. जबकि केन्द्र सरकार का सबसे बड़ा अभि’यान स्व’च्छता का ही है. इस सम्बन्ध में महापौर सुरेश कुमार ने बताया की करजा के रौतिनिया डं’पिंग पॉइंट पर कू’ड़ा-कच’रा फें’कने का स्थानीय लोग वि’रोध कर रहे हैं.

शहर में जगह-जगह कू’ड़े क’चरे जमा है, जिन्हें जल्द ही उ’ठवा कर निष्पा’दित कर दिया जायेगा. उन्होंने बताया की रौतिनिया स्थित निगम के डं’पिंग स्थल की चाह’रदीवारी को ऊंचा कर दिया गया है. पानी, दवा के साथ ही ब्ली’चिंग के छि’ड़काव की व्य’वस्था की गई है. इन सबके बावजूद स्थानीय ग्रामीण वि’रोध कर रहे हैं जो कहीं से भी न्या’योचित नहीं है. सम’स्या के समाधान हेतु नगरनिगम कर्मियों के साथ बैठक की जा रही है.

आपको बता दें की बीते शुक्रवार को नाला उ’ड़ाही के दौरान निकाले गए की’चड़ को डं’प करने गए नगर निगम के वाहन को स्थानीय लोगों ने घे’र लिया और वाहन की चाबी छी’न वाहन चालक को भ’गा दिया था.

इन तीन-चार दिनों में ही शहर में प्रमुख चौक-चौराहे के साथ ही मोहल्ले की स्थिति भी ख’राब और द’यनीय हो गई है. कई मुहल्लों में कूडे़दान नहीं है और कू’ड़ेदान मिल भी जाये तो उसके भ’र जाने के कारण सड़क कि’नारे कू’ड़े का ढ़े’र ज’मा है. केदारनाथ रोड, ब्राह्मणटोली, इमामगंज, साहू रोड, साहु पोखर, बनारस बैंक चौक, सरैयागंज टावर, इमलीचट्टी, आजाद रोड, मेंहदी हसन चौक, दीवान रोड, बम पुलिस गली समेत शहर के अधिकांशत: मोहल्लों में क’मोवेश यही स्थिति है.

कई मोहल्ले के वासियों ने बताया कि घ’रेलू कचरे के उ’ठाव के लिए नगर निगम की गाड़ी नि’यमित नहीं आती है जिस कारण काफी क’चरा जमा हो जाता है जो गंद’गीज’नित बी’मारी का कारण बन सकता है. शहर के अधि’कांशतः इलाकों में क’चरा का उ’ठाव नहीं होने से चारों तरफ गं’दगी फै’ली है. आने -जाने वाले लोगों और आसपास रहने वालों को परे’शानी हो रही है. कचरों के सड़ां’ध से इलाका दू’षित हो रहा है.

बैरिया से जीरोमाईल की ओर जाने वाले रास्ते में दादर पुल से पहले गरीबनाथ मंदिर न्यास समिति के वृद्धाश्रम के पास में भी कू’ड़ो क’चरों का अंबा’र लगा दिख जायेगा. जहां आवा’रा प’शुओं ने स्थिति को और भी खरा’ब बना दिया है. आये दिन उस कच’रों में आ’ग लग जाती है.

अब देखना यह है कोरोना जैसी वैश्विक सं’कट और दूसरी ओर एई’एस/चम’की बु’खार की दस्तक के बीच शहरवासियों के स्वास्थ्य के प्रति लाप’रवाह मुजफ्फरपुर नगर निगम की यह लच’र व्यवस्था स्मार्ट सिटी योजना की रैंकिंग में मुजफ्फरपुर को किस पाय’दान पर लेकर जाती है.




