कृषि मंत्री बोले- लॉकडाउन के बावजूद मार्च में हुई फसल क्षति की भरपाई के लिए के किसानों को दिया जा रहा अनुदान

बिहार के कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने सोमवार को कहा कि सरकार द्वारा आज राज्य में रबी मौसम, वर्ष 2019-20 के मार्च महीने में असामयिक वर्षा, आंधी व ओलावृष्टि के कारण फसल क्षति की भरपाई के लिए करीब 1.78 लाख किसानों के बैंक खाते में कृषि इनपुट अनुदान के रूप में करीब 61 करोड़ 37 रुपये अंतरित कर दी गयी है. उन्होंने कहा कि इसके पूर्व फरवरी माह में हुई असामयिक वर्षा, आंधी व ओलावृष्टि से फसल क्षति के लिए राज्य के 71,104 किसानों को उनके खाते में करीब 25 करोड़ 61 लाख रुपये कृषि इनपुट अनुदान भेजा जा चुका है.

इस प्रकार फरवरी एवं मार्च माह को मिला दे तो राज्य के 2,49,403 किसानों के बैंक खाते में करीब 86 करोड़ 99 लाख रुपये कृषि इनपुट अनुदान दिया गया है. कृषि मंत्री ने कहा कि मार्च माह में राज्य के 23 जिलों पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, भभुआ, गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा, औरंगाबाद, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, समस्तीपुर, मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय, भागलपुर, बांका, मधेपुरा तथा किशनगंज के प्रतिवेदित 196 प्रखंडों में फसल क्षति हुई थी.

Bihar Agriculture Minister Prem Kumar

सरकार द्वारा इन 23 जिलों के प्रतिवेदित 196 प्रभावित प्रखंडों के छूटे हुए किसान भाइयों एवं बहनों को सरकार द्वारा कृषि इनपुट अनुदान का लाभ देने के लिए एक और अवसर दिया गया है. इन जिलों के छूटे हुए किसान 04 मई से 11 मई, 2020 तक कृषि विभाग, बिहार सरकार के वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. 

कृषि मंत्री ने कहा कि वैसे किसान, जो रबी फसल क्षति की भरपाई हेतु कृषि इनपुट अनुदान के लिए पूर्व से ऑनलाइन आवेदन किये हुए हैं, उन्हें पुन: आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है. प्रभावित जिलों के किसानों को कृषि इनपुट अनुदान वर्षाश्रित यानि असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 6,800 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से दिया जायेगा, जबकि सिंचित क्षेत्र के लिए किसानों को 13,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से यह अनुदान दिया जायेगा. प्रेम कुमार ने कहा कि यह अनुदान प्रति किसान अधिकत्तम दो हेक्टेयर के लिए ही देय होगा. सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत किसानों को फसल क्षेत्र के लिए कम-से-कम 1,000 रुपये अनुदान दिया जायेगा.

सोर्स : प्रभात खबर

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