
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : सूबे के क़्वेरे’न्टाइन सेंटरों की बदइंत’जामी किसी से छुपी नहीं है. सूबे के कई क्वैरे’न्टाइन सेंटरों की बद’हाली की कई तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं. कहीं समय पर खाना नहीं तो कहीं मेनू के अनुसार खाने पीने की व्यवस्था नहीं तो कहीं स्वा’स्थ्य जां’च में लाप’रवाही, कहीं पीने का स्व’च्छ पानी नहीं तो कहीं क़्वेरे’न्टाइन सेंटर पर साँ’प निकलने की घ’टना लगातार सामने आ रही हैं.
सरकार या प्रशासन लाख दा’वे करे, की प्रवासियों के लिये मुक’म्मल व्यवस्था है, पर हकी’कत इससे इतर है. राज्य सरकार द्वारा क़्वेरे’न्टाइन सेंटरों में प्रवेश पर मीडिया पर प्रति’बन्ध लगाएं जाने के बावजूद सोशल मीडिया के इस ज़माने में खबर छु’प नहीं पा रही.

ऐसा ही एक ताज़ा मामला गायघाट स्थित एक क़्वेरे’न्टाइन सेंटर का सामने है जहाँ एक प्रवासी मज’दुर ने पेट्रोल डाल आ’ग लगा कर आत्मह’त्या करने का प्रयास किया है. आ’नन फा’नन में सूचना मिलते ही गायघाट थाना वरीय अधिकारियों को सू’चित करते हुए मौके पर पहुँच कर घा’यल व्यक्ति को पहले गायघाट पीएचसी में भ’र्ती कराया जहाँ उसकी ना’जुक स्थिति को देखते हुए उसे एसकेएमसीएच रे’फर किया गया जहाँ उसकी स्थिति चिं’ताजनक बताई जा रही है.

घट’ना के सम्बन्ध में बताया जा रहा है की घा’यल व्यक्ति पूर्णिया जिले का प्रवासी मज’दूर है, जो एक सप्ताह पूर्व मुम्बई से अपनी मोटरसाइकिल से ही मुजफ्फरपुर के गायघाट प्रखंड के कमरथू गाँव स्थित अपने ससुराल पहुंचा था. ससुराल वालों ने स्वा’स्थ्य का हवाला देते हुए उसे क्वारें’टाइन सेंटर में रहने की बात कहीं थी. बताया जाता है की लगभग एक सप्ताह से वह गायघाट के पृथ’क निवास में रह तो रहा था, लेकिन मान’सिक रूप से वह परे’शान दिख रहा था. सेंटर पर रह रहे लोगों ने बताया की युवक ने पेट्रोल डा’ल कर खुद को आ’ग ली है. सूचना के बाद मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अनिल कुमार और गायघाट थानाध्यक्ष राजेंद्र साह पहुँच कर मामले की छा’नबीन कर रहे हैं, साथ ही युवक के ससुराल में भी जानकारी जु’टाई जा रही है.

इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन का कहना है कि युवक ने किन परिस्थि’तियों में और क्यों आ’ग लगाई इस बात की जां’च की जा रही है. जिला प्रशासन द्वारा बयान जारी कर बताया है कि-गायघाट के कमरथु के क्वॉरें’टाइन केंद्र में प्रवासी व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत कारणों से आ’ग लगाने की कोशिश की गई है. वो बाहर से आये हैं और अपने ससुराल पहुचें. ससुराल वालों ने उन्हें क्वैरे’न्टाइन केंद्र में रहने को कहा. इस हेतु उन्हें काफी सम’झाया भी गया परन्तु वो घर (ससुराल) में ही रहने की जि’द पर अ’ड़े थे.

उन्हें क्वॉरें’टाइन केंद्र में भेजा गया. इस बात की ही उन्हें नारा’जगी थी. फलतः उन्होंने ऐसा कृ’त्य करने की को’शिश की. उन्हें उचित चिकि’त्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. अभी वे एसकेएमसीएच में इला’जरत है. जल्द ही स्वा’स्थ्य होने की संभा’वना है. स्पष्ट है कि उन्होंने व्यक्तिगत का’रणों से खुद को ज’लाने की कोशिश की है.






