बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में अंको में हेरा फेरी कर फेल छात्र को पास कराने के आ’रोपित रंजीत कुमार को पुलिस ने गिर’फ्तार कर लिया है। उसकी गि’रफ्तारी समस्तीपुर के सिंघिया थाना क्षेत्र के वास देवा गांव से हुई है। वह भीभी के भौतिकी विभाग के पूर्व प्रोफेसर रामानंद सिंह का पुत्र है। इस मामले में विवि के तत्कालीन रजिस्ट्रार कर्नल अजय राय ने 16 दिसंबर 2018 को विवि थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में रंजीत को अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया था।

वर्ष 2017 में स्नातक पार्ट 1 व 2 की परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन केंद्र विवि के बॉटनी विभाग को बनाया गया था। यहां धां’धली व हेराफेरी की शि’कायत पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे बदलकर वैशाली कर दिया। वहां से भी शि’कायतें आने लगी तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। जांच में यह बात सामने आई कि बिना कॉपी का मूल्यांकन किए हैं अंक दिया गया है। हाथ से लिख कर अंको में भी हेराफेरी का मामला सामने आया।
इस बारे में विश्वविद्यालय थाना अध्यक्ष रामनाथ प्रसाद ने कहा कि जांच में यह बात सामने आई कि डिग्री सेक्शन में कई बाहरी व्यक्ति अवै’ध रूप से काम कर रहे हैं। अंको की हेराफेरी में यह लोग भी शामिल हैं। जांच में साक्ष्य मिलने के बाद अन्य के साथ रंजीत को भी आ’रोपित बनाया गया।