
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : महज आधे घंटे की बारिश ने एक बार फिर सा’बित कर दिया की शहरवासियों को जलज’माव से मु’क्ति मिलने वाली नहीं, इसका दं’श शहरवासियों को झे’लना ही पड़ेगा. पुरे शहर में जलज’माव की स्थिति देखने से प्रती’त हो गया की मुजफ्फरपुर में सात निश्चय योजना के तहत कितना और कैसा कार्य हुआ है.

आधे घंटे की बारिश ने शहरवासियों को जलप्र’लय जैसी स्थिति का अहसास करा दिया. शहर की शायद ही ऐसी कोई सड़क-गली होगी जहाँ जलज’माव न हो. मोतीझील तो झील बन गया है, वहीं कल्याणी, धर्मशाला चौक, सदर हॉस्पिटल रोड के साथ ही डीएम कार्यालय और सदर अस्पताल परिसर भी जलज’माव से अछूता नहीं रहा.

जलजमाव से पिछले कई वर्षो की तरह आज भी लोगो को परेशा’नियों का सामना करना पड़ रहा है. जबकि शहर के कई स्थानों पर नाला उड़ा’ही कार्य भी कराया गया, बावजूद बारिश का पानी सड़को गलियों में लगा है. सिकंदरपुर इलाके में लोगो के घरो में पानी प्रवेश कर चूका है, जिनमे कई की’ड़े-मको’ड़े तैरते देखे गए.

थोड़ी सी ही बारिश में सड़कों और नालों का फ’र्क मिट गया है, आखिर किन मा’नकों के आधार पर नालों और स्लैबों का निर्माण किया गया है की बारिश के पानी की निका’सी निर्बाध ढंग से नहीं हो पा रही है. पिछले दिनों महापौर सुरेश कुमार ने सात निश्चय योजना के तहत सम्वे’दको द्वारा जिले में बनाये जा रहे सड़क व नालों के निर्माण में अनिय’मितता बरते जाने को लेकर सवा’ल उठाते हुए नगर विकास व आवास विभाग मंत्री सुरेश कुमार शर्मा को आगा’ह करते हुए एक पत्र लिखा था.

उन्होंने जिले में सम्वेदकों द्वारा रोड, नाला एवं स्लैब बनाने में अनिय’मितता बरते जाने की बात कहते हुए कमिटी ग’ठित कर जां’च की मांग भी की थी. प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शहरवासी इस उम्मी’द में हैं की इस वर्ष सात निश्चय योजना के तहत बनी नालियों से बारिश के पानी की निका’सी सं’भव हो सके और शहर जलजमा’व मु’क्त हो सके.












