
SHEOHAR : वर्ष 2017 में शिवहर जिले में आए भयंकर बाढ़ के बाढ़ पीड़ितों को अब तक बाढ़ राहत की राशि नहीं मिलने के कारण आज तकरीबन 2 दर्जन से अधिक लोग जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय पहुंचे। गौरतलब हो कि शिवहर जिले में वर्ष 2017 में भयंकर बाढ़ आया था, जिसमें हजारों एकड़ जमीन की फसल प्रभावित हो गई थी। जिला प्रशासन के द्वारा बाढ़ से तबाह परिवारों की अनुश्रवण समिति के द्वारा दिए गए सूची के अनुसार बाढ़ राहत की राशि उनके खाते में हस्तांतरित की जा रही थी।

फिर भी कुछ लोगों को अब तक बाढ़ राहत की राशि नहीं मिलने के कारण आज तकरीबन 32 परिवादी जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय पहुंचकर मामले की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। यशोदा देवी ,शिवकली देवी, वीना देवी, नागेंद्र चौधरी, माया देवी, मुन्नी देवी, बिलटू राय, भोला राय, रामाकांत शाह, सुनील कुमार, दीपू कुमारी, मचला देवी, मंजू देवी, लाल बाबू साह, सीता देवी, सफीना खातून, अकुब अंसारी, सुंदर भती देवी, मायावती देवी सहित 32 परिवादीयो का मामले की सुनवाई आपदा प्रबंधन विभाग मामले पर किया जाएगा।

मामले को सुनवाई में आए अंचल अधिकारी ने बताया है कि राहत अनुश्रवण समिति में जिन व्यक्तियों की सूची में नाम शामिल नहीं था फिर भी कई लोग बाढ़ राहत हेतु जबरन आवेदन दिया गया है तथा उनको नहीं मिलने पर वे लोग जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष गलत परिवाद वाद दायर किए हुए हैं. कुछ लोगों को पिता के नाम बाढ़ राहत मिल चुका है फिर भी वे अपने पत्नी के नाम से भी आवेदन दिया गया है तथा अपना बैंक खाता नंबर भी एक ही साथ देने पर बैंक के द्वारा उनके भुगतान की राशि रोक दी गई है।
अंचल अधिकारी पूरनहिया ने बताया है कि कई बाढ़ पीड़ितों का बैंक खाता गलत दिया गया है तथा बैंक द्वारा गलत आरटीजीएस होने के कारण मामला लंबित है. अंचल अधिकारी ने बताया है कि शिवहर जिले में मौजूदा समय में 2% से 3% ही लोगों का बैंक के कारण या बाढ़ पीड़ित के गलत बैंक खाता नंबर देने के कारण भुगतान लंबित है शीघ्र ही मामले की जांच करते हुए भुगतान कर दिया जाएगा।