शिक्षकों की गुटबाजी में फंसे छात्र, जन्मदिन मनाने वाले छह छात्रों पर एफआईआर, रिजल्ट भी रोका, जानें पूरा घटनाक्रम

पटना : कला एवं शिल्प महाविद्यालय के क्लास रूम में अपने शिक्षक का जन्मदिन मनाना छात्रों को महंगा पड़ गया है. इसको लेकर छह छात्रों पर न केवल गैर जमानती धारा में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है, बल्कि उनका कैरियर भी दांव पर लग गया है.

पटना विवि प्रशासन ने पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाने के साथ ही फाइनल पर भी रोक दिया है. उनके अब विवि के किसी भी कोर्स में एडमिशन लेने पर रोक भी लगा दी गयी है. वहीं दो अन्य छात्र छठे सेमेस्टर के हैं, जिनके अगले सेमेस्टर में एडमिशन पर रोक लगा दी गयी है. सभी आरोपित छात्र कॉलेज के मूर्तिकला विभाग के हैं. वहीं, सूत्रों के मुताबिक यह पूरा मामला शिक्षकों की आपसी गुटबाजी का है और इसमें ये छात्र मोहरा बन गये हैं.

जिन छह छात्रों पर केस दर्ज कराया गया है, उनमें विपिन कुमार, मुकेश कुमार, विनोद कुमार रजक और धनजीव कुमार फाइनल ईयर के छात्र हैं, जबकि प्रतीक कुमार और मो रईस छठे सेमेस्टर के छात्र हैं. इन पर मारपीट, धमकी देने व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप है. बुद्धा कॉलोनी पुलिस ने 19 नवंबर को कॉलेज के प्राचार्य के आवेदन पर कांड संख्या 468/18 के तहत आईपीसी की धारा 341, 353, 504,506,34 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस आरोपितों को तलाश रही है.

घटना 25 सितंबर की है. मूर्तिकला विभाग के शिक्षक डॉ विनोद कुमार ने पत्र लिख कर पीयू प्रशासन को कहा कि आठवें सेमेस्टर की चल रही प्रायोगिक परीक्षा बाधित करने और परीक्षा कक्ष में जबरन एक शिक्षक डॉ उमेश कुमार सिंह का जन्मदिन समारोह मनाने को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया. जन्मदिन मनाने से रोकने पर छात्र गाली-गलौज और मेरी हत्या कर देने कि कोशिश करने लगे. छात्र परीक्षा कक्ष में ही भड़काऊ भोजपुरी गाना भी बजाना शुरू कर दिया.

पीयू छात्र अनुशासन समिति ने पांच हजार का लगाया दंड, परीक्षाफल भी रोका

कला ए‌वं शिल्प महाविद्यालय के छह छात्रों से स्पष्टीकरण पूछा गया है. छात्र अनुशासन समिति ने निर्णय लिया है कि चार छात्रों का आठवां सेमेस्टर का रिजल्ट रोका जाये और हर आरोपित छात्र पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया. जुर्माना राशि देने के बाद रिजल्ट प्रकाशित किया जायेगा.

अन्य दो छात्र जो छठे सेमेस्टर के छात्र हैं, उनका एक सेमेस्टर रोका जाये. साथ ही उन्हें पांच हजार रुपये जुर्माना देना होगा. यह भी निर्णय लिया गया कि सेमेस्टर आठ के चारों छात्रों को आगे पटना विवि के किसी भी कोर्स में नामांकन नहीं दिया जायेगा. आदेश दिया गया कि डॉ विनोद कुमार के साथ 25 सितंबर को हुई घटना उनकी लिखित रिपोर्ट के आधार पर प्राचार्य एफआईआर दर्ज करवाएं.

अनुमित के बिना बर्थडे पार्टी मनाने पर भी रोक

अनुशासन समिति ने निर्देश दिया कि कॉलेज में अधिसूचना जारी की जाये कि प्राचार्य की अनुमति के बिना कॉलेज परिसर पर जन्मदिन और अन्य समारोह नहीं मनाया जायेगा. प्राचार्य इसकी अधिसूचना निकालेंगे. छात्र अनुशासन समिति ने सर्व सहमति से निर्णय लिया कि शिक्षक डॉ उमेश कुमार सिंह से इस संदर्भ में प्राचार्य द्वारा स्पष्टीकरण पूछा जाये.

आरोपित छात्र बोले, साजिश के हुए शिकार

आरोपित छात्रों ने कहा कि केक काटे जाने पर साजिश के तहत फंसाया गया है. कोई मारपीट या गाली-गलौज नहीं हुई है. वहीं, कॉलेज के छात्रों ने कहा कि गुटबाजी के शिकार ये छात्र हुए हैं. छात्रों ने शिक्षकों पर भी आरोप लगाया कि यहां शिक्षकों में गुटबाजी चलती है. शिक्षकों के कारण ही कैंपस का माहौल खराब हो रहा है. छात्रों ने कहा कि जन्म दिवस और कोई समारोह कॉलेज में क्यों नहीं हो सकता है. जन्मदिन मनाने के लिए भी अनुमति की जरूरत पड़ेगी, यह तो तानाशाही फरमान है. पटना विवि के इस फैसले से कॉलेज में काफी रोष है.
पीयू के आदेश का पालन किया जा रहा है. अनुशासन समिति ने जो फैसला सुनाया है , उसी पर कॉलेज प्रशासन काम कर रहा है. पीयू के आदेश के बाद कॉलेज में इस संबंध सूचना भी चिपका दी गयी है.

डॉ अजय कुमार पांडेय, प्राचार्य, कला एवं शिल्प महाविद्यालय

यह है घटनाक्रम

25 सितंबर को डॉ विनोद कुमार ने छह छात्रों के खिलाफ शिकायत पीयू में दर्ज की. 23 अक्टूबर को पीयू छात्र अनुशासन समिति की बैठक हुई. बैठक में छात्रों पर कई आरोप लगाये गये. इसके बाद कॉलेज को आदेश 16 नवंबर को प्राप्त हुआ. वहीं कॉलेज प्रशासन ने पीयू के आदेश के बाद 19 अक्तूबर छह छात्रों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा. 24 सितंबर को कॉलेज प्रशासन ने शिक्षक उमेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.

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