
PATNA (ARUN KUMAR) : “बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहते हैं की उनकी सरकार क्रा’इम, कर’प्शन और कम्यु’निलिज्म पर जीरो टा’लरेंस की नी’ति पर चलती है, राज्य में कानून का राज का’यम है. थानों में लॉ एंड आर्डर और घट’ना के अन्वे’षण की जिम्मेदारी अलग-अलग कर दी गई है.”
स’त्ता वा’पसी के बाद उन्होंने गत 12 दिसम्बर को तीसरी बार कानू’न व्यवस्था के मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक कर ‘क्रा’इम कंट्रोल’ को लेकर कई जरूरी निर्दे’श देने के साथ ही अधिकारियों से महिला सुर’क्षा के मुद्दे पर भी विशेष ध्यान देने के लिए कहा था. पर मुख्यमंत्री द्वारा किये गए ऐसे दावे और वादे उस वक़्त खो’खले साबित होते हैं, जब एक थानेदार खुलेआम का’नून को ठें’गा दिखा रहा हो. राजधानी की एक एक अल्पसं’ख्यक महिला शिक्षिका तीन माह से न्या’य के लिए दर-ब-दर भट’क रही हो और थानेदार दबंग आरो’पितों को ब’चाने के कु’त्सित प्रया’स में न्या’यालय के भी आ’देश की अवहे’लना कर रहा हो.

कुछ माह पूर्व राज्य सरकार के गृह विभाग को अपहरण के एक मामले में FIR दर्ज नहीं करने वाले पटना के एक थानेदार के खि’लाफ का’र्रवाई के लिए SSP को स’ख्त दिशा निर्दे’श देना पड़ा था. लेकिन इसके बावजूद पटना के थानेदारों के रौ’ब पर कोई असर नहीं पड़ा है. पटना के गर्दनीबाग थाना पुलिस ने महिला से छे’ड़छा’ड़ के एक मामले में एफआ’ईआर द’र्ज करने में को’र्ट के आदेश की ध’ज्जियां उड़ा दी हैं. छे’ड़खानी की शि’कार बनी महिला आला पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों में चक्कर का’ट रही है, लेकिन सब थानेदार के रूतबे के सामने बेअ’सर सा’बित हो रहा है.
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मामला पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में एक महिला शि’क्षिका के साथ हुई शारी’रिक छे’ड़खानी और जा’न मा’रने की ध’मकी देने का है. आ’रोपी उस इलाके की वार्ड पार्षद का दबं’ग पति है. पी’ड़िता के मुताबिक आरो’पी न सिर्फ काफी पैसे वाला है बल्कि थाने के लिए बिचौ’लिए का काम भी करता है. लिहाजा मंटू के खि’लाफ उसकी हर फरि’याद अनसु’नी कर दी गयी. हा’र कर पी’डिता ने न्या’यालय का श’रण लिया. न्या’यालय ने का’र्रवाई के लिए कहा, थाने ने उस आदेश को भी ध’त्ता बता दिया.
पी’ड़ित महिला शिक्षिका के अनुसार उसने पिछले 24 सितंबर को गर्दनीबाग थाने में सूचना दी कि वार्ड पार्षद पति अविनाश कुमार मंटू उसके साथ छे’ड़खानी, इ’ज्जत से खि’लवाड़ करने के बाद जा’न मारने की धम’की दे रहा है. थाने ने कोई का’र्रवाई नहीं की. पी’ड़ित महिला फिर से 29 सितंबर को थाने पहुंची और अविनाश कुमार मंटू के खि’लाफ एफआ’ईआर दर्ज करने की गुहार लगायी. थानेदार ने जब के’स करने से इंका’र कर दिया तो पी’डिता 1 अक्टूबर को एसएसपी के सामने फरि’याद करने पहुंची. लेकिन फिर भी कोई का’र्रवाई नहीं हुई.
थाने ने न्या’यालय के आ’देश को ध’त्ता बताया
पुलिस ने जब एफआ’ईआर द’र्ज करने से इं’कार कर दिया तो पी’ड़िता ने न्या’यालय की शरण ली. पिछले 12 नवंबर को पीड़िता ने गर्दनीबाग वार्ड नंबर 14 के वार्ड पार्षद पति अविनाश कुमार मंटू और उसके 4-5 साथियों के खि’लाफ प्राथ’मिकी द’र्ज कराने के लिए पटना के सीजेएम न्या’यालय में आवेदन दिया. सीजेएम को’र्ट ने उसी दिन पटना के एसएसपी के पास आवेदन भेज कर एफआ’ईआर द’र्ज करने को कहा. एसएसपी ऑफिस ने उसे गर्दनीबाग थाने भेज दिया. लेकिन थाने ने एक महीने से अधिक समय तक एफआ’ईआर द’र्ज नहीं की.
न्या’यालय ने पूछा शो कॉ’ज तब दर्ज हुई एफआ’ईआर
पीड़ित महिला शिक्षिका ने फिर से न्या’यालय का दरवाजा खटखटाया. एफआ’ईआर द’र्ज नहीं होने से नाराज सीजेएम कोर्ट ने गर्दनीबाग थाने के थानेदार को 16 दिसंबर को शो कॉ’ज नो’टिस जारी किया. दिल’चस्प बात ये है कि कोर्ट का शो कॉ’ज नोटिस 16 दिसंबर के दोपहर में ढ़ाई बजे गर्दनीबाग थाने में रिसी’व किया और उसी दिन सुबह में एफआ’ईआर दर्ज करने के कागजी स’बूत बना लिया.
न्या’यालय के आदे’श के बावजूद बदल कर लगाई जमान’तीय धा’राएं
दरअसल पी’डिता ने न्या’यालय में आरो’पियों के खि’लाफ धा’रा 323, 354, 354बी, 354डी, 339 के तहत प्राथ’मिकी द’ करने की गु’हार लगायी थी. सीआर’पीसी की धा’रा 153(3) के तहत प्राथ’मिकी द’र्ज करने के लिए उसे थाने भेजा था. कानून के मुताबिक को’र्ट जिस धा’रा में एफआ’ईआर द’र्ज करने का निर्दे’श देती है, थाने को उसी धा’रा में के’स द’र्ज करना होता है. अनुसं’धान के दौरान पुलिस मामले को सही या गल’त क’रार दे सकती है. लेकिन गर्दनीबाग थाने ने एफआ’ईआर द’र्ज करने में ही न्या’यालय के आदे’श की धज्जि’यां उ’ड़ा दी. कोर्ट के शो कॉ’ज के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी में सारे ऐसी धा’रायें लगायी गयीं, जिससे आरो’पियों को थाने से ही जमा’नत मिल जा सके. पुलिस ने कोर्ट द्वारा भेजी गयी प्राथ’मिकी में से धा’रा 354, 354बी और 339 ह’टा दिया.
कितना दबं’ग है वार्ड पार्षद पति
दरअसल गर्दनीबाग इलाके के एक निजी स्कूल की शिक्षिका ने काफी पहले ही वार्ड पार्षद पति अविनाश कुमार मंटू और उसके साथियों पर छे’ड़खानी और इ’ज्जत के साथ खिल’वाड़ का आ’रोप लगाया था. पीडित महिला का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की. उधर अविनाश कुमार मंटू उसे पूरे परिवार के साथ जा’न से मा’रने की ध’मकी देने लगा. इसके बाद फिर से उसने थाने के साथ साथ पुलिस के बड़े अधिकारियों के पास गु’हार लगायी लेकिन कोई का’र्रवाई नहीं की गयी.

कोई जवाब नहीं दिया
इस मामले को लेकर गर्दनीबाग थाने से बात करने की कोशिश की लेकिन थाने ने कोई जानकारी देने से इं’कार कर दिया.

बीजेपी विधायक पर संर’क्षण देने का आ’रोप





