
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : बिहार सरकार के नगर विकास व आवास विभाग के पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान स्मार्ट सिटी के विकास कार्यों में ग’ति लाने और सड़कों के निर्माण आदि कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. वार्ता के दौरान उन्होंने मुज़फ़्फ़रपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जो भी योजनाएं व राशि आवं’टित हुई थी उसपर उन्होंने बताया कि अपने मंत्रित्व काल में स्मार्ट सिटी के लिए मुज़फ़्फ़रपुर को 1580 करो’ड़ रुपया आवं’टित किया गया था और चुनाव से पहले चार मुख्य सड़कों और एक कमां’ड एंड कंट्रो’ल बिल्डिंग का शिला’न्यास भी किया था, लेकिन अधिकारियों की उदा’सीनता की वजह से अब तक वो कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े हुए कमिटी सदस्यों, चैय’रमेन और नगर निगम आयुक्त सह स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अध्यक्ष से ये जानना चाहता हूं कि अबतक ये कार्य प्रारम्भ क्यों नहीं हो सका है, और कब तक प्रारम्भ होगा? अगर इसमे किसी तरह की कोई परे’शानी है तो एनडीए की सरकार आज काम करने के लिए है, डिप्टी सीएम ने भी दौ’रा किया है, वो भी चाहते है कि मुज़’फ़्फ़रपुर को सुंदर मुज़फ़्फ़रपुर बनाया जाए जिसके लिए पर्या’प्त धन भी मुहैया करा दी गई है. शहरवासियों की प्रब’ल इच्छा है की उत्तर बिहार की अघो’षित राजधानी को सुन्दर और स्वच्छ बनाया जाये, जिसे केंद्र सरकार ने भी स्मार्ट सिटी बनाने का सूची में शा’मिल कर रखा है.

स्मार्ट सिटी के कार्यों में ग’ति लाने हेतु नगर विकास विभाग और उपमुख्यमंत्री ने विशेष ड्राइव के लिए अधिकारियों की तैनाती की है, जो बा’धाओं को दूर करें और कार्यों में ते’जी लाएं. जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि और नगर आयुक्त इस पर संज्ञान लेते हुए जनहि’त से जुड़े सभी कार्य जल्द पूर्ण करें. उन्होंने कहा की स्मार्ट सिटी की यो’जनाओं को धरा’तल पर उता’रने की आव’श्यकता है. स्मार्ट सिटी में शामिल पटना, भागलपुर, बिहारशरीफ जैसे जिलों में कार्य आरम्भ हो चूका है, मुजफ्फरपुर में भी कार्य शुरू हो जाना चाहिए था, पर शुरू नहीं हो सका, आखिर क्यों पिछ’ड़ा है? मुजफ्फरपुर के विकास हेतु पूरा ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया था, पर वह अभी अधू’रा है.

अतिक्र’मण की वजह से ही ड्रे’नेज निर्माण समेत कई विकास योज’नाएं बा’धित हो रही हैं. अतिक्र’मण हटाना भी प्राथमिकताओं में शामिल है, पर अतिक्र’मण हटाने के दौरान सरकार की एक नी’ति है की साथ ही साथ विस्था’पितों को बसाया भी जाये. उन्होंने कहा की भूमिही’नों को 2022 तक पक्के मकान देने की यो’जना मोदी सरकार की है और जिनके पास भूमि है पर पक्के मकान नहीं नहीं उनके लिए भी यो’जना के तहत 2 लाख रुपये दिए जा रहे हैं. प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा बिहार में जमीन कम है. सड़कें बनवाने, फोर लेन, सिक्स लेन बनवाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. अगर शहर में सरकार/निगम की जमीन नहीं है तो शहर के 5 किलोमीटर की परि’धि में जो ग्रेटर मुजफ्फरपुर की श्रेणी में आता है, वहां जमीन खरी’द कर बेघ’रों/विस्था’पितों के लिए बहुमंजिला भवन और दुकान का निर्माण कर बेघ’रों और विस्था’पितों को पुनर्वा’सित किया जाये.

उदाहरण स्वरूप पोस्ट ऑफिस के सामने स्थित निगम की जमीन पर बहुमंजिला भवन और नीचे दुकानें बनाई जा सकती है, जिससे बेघरों और विस्थापितों को घर भी मिलेगा दुकानें भी आवंटित हो सकेंगी. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मुजफ्फरपुर को आवं’टित 1580 करोड़ की राशि में यह भी उल्ले’खित है. उन्होंने बताया की मंत्रित्वकाल के दौरान कई सड़कों का निर्माण कराया गया. लॉक डाउन की वजह से राज्य यो’जना से बनने वाली जवाहरलाल रोड समेत 5 मुख्य सड़कों का निर्माण कार्य रुका था. जिसमें पथ निर्माण विभाग के हवाले से 70 करोड़ की लागत से बनने वाली रानी सती मंदिर रोड का निर्माण पूर्ण हुआ है, एमआईटी से पुलिस लाइन तक का सड़क निर्माण कार्य, 29 करोड़ की लागत से बनने वाली जवाहरलाल रोड से लेप्रोसी मिशन हॉस्पि’टल रोड, दूसरी भामा शाह द्वार से रेवा रोड, 13 करोड़ रूपए की लागत से ब्रह्मपुरा थाना से बीबीगंज तक की सड़क का निर्माण होना है, जिसमें कई सड़कों का शिलान्यास भी हो चुका है.

12 करोड़ की लागत से एमडीडीएम रोड बनना भी प्रस्ता’वित है, जिसका शिला’न्यास स्वयं मुख्यमंत्री ने किया था. पूर्व मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इसके अलावा शहर की करीब 12 सड़कों का निर्माण कार्य आरसीडी द्वारा होना है, जिसका शिलान्यास पूर्व में ही हो चुका है. लॉ’क डा’उन की वजह से कई योज’नायें और निर्माण कार्य अध’र में ल’टके थे, अब उसमें ते’जी लाने और पूर्ण करने की आवश्यकता है. अतः सरकार द्वारा अधि’कृत स्मार्ट सिटी प्रो’जेक्ट से जुड़े सभी अधिकारियों से आ’ग्रह है की कार्यों में ते’जी लाएं और समय सी’मा के अंदर पूर्ण करें.









