#MUZAFFARPUR : जिला प्रशासन, स्वा’स्थ्य विभाग और मीडिया के समेकि’त प्रया’स से चम’की पर आएगी जागरू’कता : डीएम 

MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : जिला प्रशासन और सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में मीडिया उन्मु’खीकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसका वि’धिवत उद्घाटन दीप प्रज्व’लित कर जिलाधिकारी प्रणव कुमार, एडीएम डॉ अजय कुमार, डीपीआरओ कमल सिंह तथा सिविल सर्ज’न डॉ एसके चौधरी, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ सतीश प्रसाद ने किया। उक्त कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने कहा कि चम’की के प्रचा’र- प्रसा’र में मीडिया की भूमि’का बहुत ही महत्वपूर्ण है। एईएस कोई रो’ग नहीं यह अनेक रोगों के लक्ष’णों का समावेश है। पिछले 10 -12 वर्षों मे जो मत बना है वह यह कि एईए’स का जु’ड़ाव गर्मी और नमी से जरूर है। हमें एई’एस से निप’टने के लिए त्वरित ग’ति से काम करना होगा ताकि अस’र कम किया जा सके। इसके लिए हम विभिन्न स्तरों पर कार्य रह रहे हैं। गांवों मे चम’की पर चर्चा कर रहे हैं। मीडिया से भी अपी’ल है कि चम’की पर क्या करें और क्या न करें, चम’की के लक्ष’णों को अपने ख’बरो में तर’जीह दें। ध्यान रखना है कि किसी की भी जा’न की की’मत बहुत ज्यादा होती है। जिला प्रशासन प्रयास कर रहा है कि जिले में जीरो से छह साल तक के जितने भी बच्चे हैं उनके अभिभा’वकों के मोबाइल में आंगनबाड़ी, गाड़ी के ड्राइवर, एएनएम का नंबर अवश्य हो ताकि सही समय पर बच्चे को उचित इला’ज मिल सके। जिलाधिकारी ने मीडियाकर्मियों से आग्रह किया कि लोगों तक पहुंचने की अपनी क्ष’मता का चम’की पर नियं’त्रण के मद्देनजर भरपूर उप’योग करें।

चम’की चुनौ’ती के साथ अवसर भी

वहीं एडीएम डॉ अजय कुमार ने मीडिया से तीन संदेशों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने को कहा। उन संदेशों में शाम के वक्त सु’स्ती होने पर पीएचसी जाना, रात में खाना खिलाकर ही बच्चों को सु’लाना और एम्बु’लेंस या टैग वाहन का इंत’जार न करते हुए किसी भी वाहन से तुरंत ही नजदीकी पीए’चसी ले जाना। उन्मु’खीकरण के दौरान केयर इंडिया के डीटीएल सौरभ तिवारी ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि कोरो’ना के समय में चम’की चुनौ’ती के साथ अवसर भी है। चम’की को लेकर निग’रानी, स्वा’स्थ्यकर्मियों का क्ष’मतावर्धन, अस्प’ताल की तैयारी और बच्चों को ससमय अस्प’ताल ले जाना ये ऐसे फै’क्टर हैं जिससे चमकी के प्रभाव पर नियं’त्रण पाया जा सकता है। चम’की पर तैयारी के संदर्भ में सौरभ तिवारी ने कहा सभी डॉ’क्टर और स्वा’स्थ्यकर्मियों का क्ष’मतावर्धन किया जा चुका है। इसके साथ ही सभी एम्बु’लेंस के ईएमटी का भी प्रशि’क्षण हो चुका है। इस बार की खास बात यह है कि चम’की प्रभा’वित क्षेत्रों में जो हॉट स्पॉट हैं वहां 16 एम्बुलें’सों की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन और मीडिया एक दूसरे के पू’रक

कार्यक्रम की शुरुआत में जिला सूचना एवं जनसपंर्क पदाधिकारी कमल सिंह ने मीडिया और प्रशासन के संबंधों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि दोनों ही एक दूसरे के पूरक हैं। मीडिया की बातें पूरे जनमा’नस को प्रभा’वित करती हैं। इसलिए मीडिया का कर्त’व्य है कि संबंधित त’थ्यों और खबरों की पु’ष्टि एक बार प्रशासन या संबंधित विभाग से अवश्य कर लें ताकि भ्रा’मक खबरें समा’ज में न जा पाएं। डीपीआरओ ने कहा कि इस बार भी चम’की के आंकड़ों में किसी तरह के भ्र’म की स्थिति न बने इसलिए सेंट्रलाइज रिर्पो’टिंग सि’स्टम ही रहेगा। जिसमें एसकेएमसीएच तथा अन्य पीएचसी से संबंधित आंकड़े भी रहेंगे।

15 लाख ओआ’रएस बटेंगे

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में अभी डेढ़ लाख ओआरएस घोल का वित’रण प्रत्येक 15 दिन के अंतराल पर किया जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ही प्रधान सचिव से 15 लाख ओआरएस के पैकेट की मां’ग रखी गयी है। जो जल्द ही उपल’ब्ध हो जाएगी। इसे भी 15 दिनों के अंतराल पर बां’टा जाएगा। इसके रोटे’शन में वितरण की मं’शा यह है कि जब भी कोई इस पैकेट को देने जाएगा बच्चों के अभिभा’वकों को चम’की पर जानकारी देगा। जिले में अभी 5 लाख परिवार हैं जिनको तीन टर्म में ओआरएस का घोल दिया जाना है। अगर किसी के पास ओआरएस का घोल उपलब्ध नहीं है तो वह पानी, नमक और चीनी का घोल भी बच्चों को दे सकता है जिसे जीवन र’क्षक घोल भी कहते हैं। यह घोल शरीर को हाइड्रे’ट रखेगा।

स्वा’स्थ्य विभाग भी है सज’ग और सत’र्क

उन्मु’खीकरण के दौरान जिला भीबीडी नियं’त्रण पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार ने कहा स्वा’स्थ्य विभाग चम’की पर पूरी तरह सज’ग और सत’र्क है। पीएच’सी स्तर तक सुविधाएं संपूर्ण हैं। हरेक पीएचसी में वातानुकूलित दो बेड का वार्ड चम’की के लिए रिजर्व है। वहीं ऑक्सीमीटर और ग्लूकोमीटर जैसे छोटे और उप’योगी उपकरणों सहित आवश्यक दवाओं की भी व्यवस्था है। हर पीएचसी में रैपिड रेस्पां’स टीम और कंट्रोल रूम है। प्रत्येक पंचायतों में वाहनों को टैग किया जा रहा है। अगर किसी बच्चे में चम’की के लक्षण पाए जाते हैं तो पीएचसी से प्राथमिक उप’चार के बाद ही उसे कहीं रे’फर किया जाएगा। रात में भी लोगों को समु’चित उप’चार की व्यवस्था हो, डॉ’क्टर और पारा मेडि’कल स्टॉफ की व्हाट्सएप ग्रुप से मॉनि’टरिंग होगी। चमकी मरी’जों को पंचायत स्तर पर वाहन की सुवि’धा देने के लिए प्रत्येक पंचायत पर दो वाहन की टैगिंग भी की जा रही है। पिछले बार इसकी संख्या 1408 थी। 2020 में चम’की में मृ’त्युदर जहां 9 प्रतिशत थी वहीं इससे पहले यह 13 प्रतिशत थी। मौके पर जिलाधिकारी प्रणव कुमार, एडीएम अजय कुमार, डीपीआरओ कमल सिंह, सिविल सर्ज’न डॉ एसके चौधरी, जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी सतीश कुमार, केयर डीटीएल सौरभ तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।                            

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