श्रावणी मेला 2021: क्‍या इस बार सुल्‍तानगंज से देवघर व बासुकीनाथ जा पाएंगे शिवभक्‍त…?

भागलपुर। श्रावणी मेले के आयोजन पर इस साल भी संशय बरकरार है। 25 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है, लेकिन प्रशासनिक तैयारी अभी तक शुरू नहीं हुई है। हालांकि श्रावणी मेला को लेकर सुल्तानगंज नगर परिषद अलर्ट मोड में है। राज्य सरकार व जिला प्रशासन का आदेश मिलने के बाद नगर परिषद तैयारी शुरू करेगी। इस वर्ष सावन का महीना 25 जुलाई से शुरू होकर 22 अगस्त तक रहेगा। श्रावणी मेले की तैयारी जेठ महीने से ही शुरू हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष तैयारी अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। पिछले वर्ष भी कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण श्रावणी मेले का आयोजन नहीं किया गया था।

कोरोना की पहली लहर ने 2020 में भी श्रावणी मेले का आयोजन नहीं होने दिया था। मेला पर पूर्ण प्रतिबंध लगा था। झारखंड सरकार ने देवघर के कामना ज्योतिॄलग बाबा वैद्यनाथ मंदिर के खुलने पर ही रोक लगा रखी थी। इस वर्ष भी अभी तक मंदिर का पट नहीं खुला है। ऐसे में इस वर्ष श्रावणी मेले का आयोजन होगा या नहीं इस पर संशय बरकरार है।

बांका व मुंगेर ने शुरू की तैयारी
श्रावणी मेला को लेकर बांका व मुंगेर जिले ने आंशिक तैयारी शुरू कर दी है। बांका पथ प्रमंडल की ओर से कच्चे कांवरिया पथ की मरम्मत और बालू भराव को लेकर ठेकेदार की खोज शुरू की गई है। कार्यपालक अभियंता श्रीकांत शर्मा के अनुसार यह पूर्व से की जाने वाली तैयारियों की प्रारंभिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि काम शुरू करने को लेकर अभी तक किसी तरह का विभागीय निर्देश नहीं मिला है। मुंगेर जिला प्रशासन ने भी मेले को लेकर समीक्षा की थी। भवन प्रमंडल, विद्युत, पीएचईडी, ग्रामीण कार्य विभाग व अन्य संबंधित पदाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के लिए कहा गया है। भवन प्रमंडल के अभियंता को कांवरिया पथ पर स्थित धर्मशालाओं का निरीक्षण करने व भवन की मरम्मत, शौचालय, पेयजल आदि की पूर्ण व्यवस्था के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

70 लाख से अधिक कांवरिया जाते हैं देवघर
श्रावणी मेले में देश-विदेश के 70 लाख के करीब कांवरिया सुल्तानगंज की पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा से कांवर में जल लेकर झारखंड स्थित बाबा वैद्यनाथ का जलाभिषेक करने जाते हैं। जल भरकर कांवरिया गंगाधाम से बाबाधाम की 105 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हैं। श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज में मेला संबंधी छोटी-बड़ी दुकानों की संख्या एक हजार से अधिक होती है। एक महीना के दौरान लगभग डेढ़ सौ करोड़ का व्यापार सुल्तानगंज से लेकर पूरे कांवरिया पथ पर 95 किमी के बीच होता है। लिहाजा थोक व खुदरा व्यापारी इसकी प्रारंभिक तैयारी में करोड़ों की पूंजी लगाते हैं। मेला में आए लाखों श्रद्धालु हजारों दुकानदारों को करोड़ों की आय दे जाते हैं।

मेला से जुड़े लोगों ने ली वैक्सीन
श्रावणी मेले से सीधे तौर पर जुड़े पंडे और स्ट्रीट वेंडरों को वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है। कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि बुधवार को मेला से जुड़े लोगों को वैक्सीन देना था, लेकिन अधिकांश लोग नहीं आए। सभी लोगों के वैक्सीन लेने के बाद विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

श्रावणी मेला तैयारी पर विभागीय निर्देश नहीं मिला है। नगर परिषद मेले की तैयारी को लेकर अलर्ट है। सफाई व्यवस्था, लाइटिंग आदि का कार्य नगर परिषद के द्वारा कराया जाता है। सभी को अलर्ट मोड में रखा गया है। राज्य सरकार के निर्देश के बाद ही तैयारी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। – अभिनव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद सुल्तानगंज

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