सदर अस्पताल में वन स्टॉप सेंटर बनने का काम शुरू हो गया है। यहां घरेलू हिंसा और प्रताड़ना की शिकार महिलाओं को रहने, खाने व चिकित्सा सुविधा के साथ ही न्याय भी मिलेगा। महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय की ओर से इसके लिए सात करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। भवन निर्माण विभाग ने नींव खोदने का काम शुरू कर दिया है। जिला स्वास्थ समिति के बगल में इस भवन का निर्माण कराया जा रहा है। महिला विकास निगम के डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर उदय कुमार झा ने बताया कि सदर अस्पताल में बन रहे इस वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, प्रताड़ना व अन्य किसी भी प्रकार की महिलाओं की समस्या का निदान किया जाएगा।
वहां तीन काउंसलर, एक प्रबंधक समेत कई कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। बताया कि आमतौर पर हिंसा पीड़ित महिलाओं के मन में यह भय रहता है कि कौन उसकी मदद करेगा। कानूनी कार्रवाई के दौरान होने वाले खर्च को वह कैसे वहन करेगी। साथ ही पीड़ित महिलाओं-किशोरियों को पुलिस व चिकित्सीय परामर्श, कानूनी सहायता के लिए भटकना पड़ता है। इसकी वजह से उन्हें काफी परेशानी होती है। इन सभी दुविधा के समाधान के लिए ही वन स्टॉप सेंटर बनाया जा रहा है। महिलाओं की सुविधा के लिहाज से ही इन सेंटर्स में स्टाफ के तौर पर महिलाएं ही नियुक्त होंगी।

सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे होंगी उपलब्ध
पीड़ित महिलाओं को सभी प्रकार की सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेगी। इन सुविधाओं में मेडिकल के साथ पुलिस व कानूनी सुविधा भी शामिल है। सेंटर में हेल्पलाइन के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। यदि महिला चाहेगी तो अदालत जाने की बजाय सीधे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपना बयान दर्ज करवा पाएगी। यहां महिलाओं के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन सेवा भी रहेगी। हिंसा की शिकार जिले की कोई भी महिला इस सुविधा का अपने लिए इस्तेमाल कर सकेंगी।