केंद्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह (RCP Singh) ने कहा कि प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI) उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन योजना है. ये स्कीम बहुत बड़ा गेम चेंजर है. आरसीपी सिंह ने कहा,’अभी हमारे यहां इसका उत्पादन मात्र 18 मिलियन टन होता है, लेकिन, अगले पांच सालों में 42 मिलियन टन का लक्ष्य रखा गया है. इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मिलाकर सवा पांच लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. इसमें 68 हजार प्रत्यक्ष रोजगार हैं. इससे निवेश आएगा और उत्पादन बढ़ेगा. इसके अलावा बाहर से आने वाले आयात में कटौती होगी. इससे 30 हजार करोड़ बचेगा. इसलिए हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा.’
आरसीपी सिंह ने कहा कि यह योजना केंद्र सरकार के लिए होती है. इससे बिहार -झारखंड समेत सभी प्रदेश के युवाओं को फ़ायदा मिलेगा. इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में भी मदद मिलेगी. केंद्रीय इस्पात मंत्री ने कहा कि 4 मिलियन टन विशेष इस्पात का हम लोग आयात करते हैं, वो करीब-करीब खत्म हो जाएगा. आरसीपी सिंह ने कहा कि हम लोग पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाएंगे. अब आश्रित नहीं रहना पड़ेगा. हमारी जितनी भी ज़रूरत होगी उतनी रेलवे कोच बनते हैं, फ़ुट ओवर ब्रिज बनते हैं, स्पेस में, डिफ़ेंस में, हाउसिंग सेक्टर में, जितनी भी जरूरत होती है उसे हम लोग पूरा कर लेंगे.

आत्मनिर्भर बनेगा देश: आरसीपी सिंह
आरसीपी सिंह कहा, ‘जो हमारे प्रधानमंत्री की सोच और हमारी जो योजना है कि अपने देश को आत्मनिर्भर बनाना है, उसके लिए मैं बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं कि इस तरह की उन्होंने योजना लाई. इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले PSU के विनिवेश पर आरसीपी सिंह ने कहा कि उसके लिए एक अलग मंत्रालय है जो तरह-तरह की स्टडी करता है. इस्पात मंत्रालय के PSU के बारे में आरसीपी सिंह ने कहा कि हम लोगों का काम होता है फ़ैंसीलीटेट करना. जहां तक 5 ट्रीलियन डॉलर इकोनोमी की बात है वो विनिवेश से नहीं है. उसके लिए हम लोग देश को आत्मनिर्भर बनाएंगे. हम लोगों का इकोनोमिंक इंफ़्रास्ट्रकचर है उसको मज़बूत कर प्रधानमंत्री के 5 ट्रीलियन डॉलर इकोनोमी के सपने को पूरा करेंगे.
झारखंड को लेकर उन्होंने कहा कि वहां आयरन ओर और रिसोर्स उच्च कोटि का है. वहां रॉ मेटेरियल है, स्टील की यूनिट हैं, इसलिए हमारा जो कार्यक्रम है उससे हम लोग अपस्ट्रीम करते हैं. जहां पर हमें रॉ मेटेरियल चाहिए, डाउनस्ट्रीम जहां और वैल्यू एडिशन होता है. इन दोनों में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. निश्चित रूप से इसमें युवाओं को रोजगार का अच्छा अवसर मिलेगा.