
बिहार में पंचायत चुनाव का आगाज हो चुका है. कोरोना की दूसरी लहर के शांत पड़ने के बाद बिहार सरकार ने अधिसूचना जारी कर इसकी शुरुआत कर दी है. इस बार राज्य में गांव की सरकार चुनने के लिए 11 चरणों में मतदान कराने जा रही है. इसके साथ ही घोषणा के साथ राज्य में आचार संहिता भी लग गई है. अब आचार संहिता लगने के बाद राज्य सरकार ने सबसे पहले पंचायती राज संस्थाओं की ओर से संचालित सभी बैंक खातों के संचालन पर रोक लगाने का निर्देश जारी कर दिया है.
निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक पंचायत से जुड़े खातों से किसी भी योजना के लिए निकासी संभव नहीं होगी. बशर्ते नल-जल योजना को छोड़कर जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना है. बिहार सरकार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि आदर्श आचार संहिता के चलते त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के किसी भी मद के खाते से कोई भी धनराशि का भुगतान किसी भी स्तर पर मान्यन नहीं होगा. हालांकि मुख्यमंत्री नल-जल योजना के लिए छूट रहेगी। आदेश में कहा गया है कि ग्राम पंचायतें, वार्ड और प्रबंधन समितियां मुख्यमंत्री ग्रामीण पेजयल निश्चय योजना के अधूरे काम को पूरा करने के लिए आदर्श आचार संहिता का पालन करते हुए धनराशि का नियम के अनुसार इस्तेमाल कर सकेंगे.
सूबे में पहली बार है जब EVM के जरिए पंचायत चुनाव होंगे. 24 सितंबर, 29 सितंबर, 8 अक्टूबर, 20 अक्टूबर, 24 अक्टूबर, 3 नवंबर, 15 नवंबर, 24 नवंबर, 29 नवंबर, 8 दिसंबर और 12 दिसंबर 2021 को मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. छह पदों के लिए ग्राम पंचायत और ग्राम कचहरी के चुनाव होने हैं. इनमें मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, वार्ड सदस्य, सरपंच और पंच के पद शामिल हैं.


