टोक्यो पैरालिंंपिक (Tokyo Paralympics) में गोल्ड मेडल जीतकर वैशाली जिले के लाल प्रमोद भगत (Pramod Bhagat Wins Gold Medal) ने इतिहास रच दिया है। बिहार का नाम विश्व में ऊंचा किया है। पुरुष एकल बैडमिंटन (Badminton Mens Single SL3) मुकाबले में प्रमोद ने इंग्लैंड के खिलाड़ी को 21-14, 21-17 के अंंतर से हराकर सोना अपने नाम किया है। प्रमोद की इस सफलता की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव सदर प्रखंड के विशुनपुर बसंत छठ पोखर टोला वार्ड नंबर दो में जश्न का माहौल है। अपने इस प्रतिभाशाली लाल की झोली में सोना आने से लोग गर्व महसूस कर रहे हैं। खुशी से माता-पिता और परिवार समेत समाज के लोग झूम रहे हैं। माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू हैं। बैडमिंटन के सेमीफाइनल में पहुंचकर उन्होंने पदक पक्का कर लिया था। लोगों को पूरी उम्मीद थी कि प्रमोद शानदार प्रदर्शन करेंगे। आखिरकार प्रमोद उनकी उम्मीदों पर खरा उतरे।


उड़ीसा की ओर से खेलते हुए नेशनल टीम में बनाई जगह

बता दें कि किसान मालती देवी और रामा भगत के पुत्र प्रमोद वर्तमान में उड़ीसा में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। प्रमोद को उनकी बुआ अपने साथ उड़ीसा में रखती थी। वहीं पर प्रमोद की पढ़ाई-लिखाई हुई। रामा भगत के मंझले पुत्र प्रमोद पांव से दिव्यांग हैं। लेकिन दिव्यांग होने के बावजूद खेल-कूद में आरंभ से रुचि थी। बैडमिंटन में प्रमोद की चपलता ने जल्द ही उन्हें सही रास्ता भी दिखाया। इस बीच इंटर के साथ आइटीआइ की पढ़ाई भी की। वर्ष 2006 में उड़ीसा के स्टेट बैडमिंटन टीम में प्रमोद का चयन हुआ। इसके बाद 2019 में वे नेशनल टीम के लिए चुन लिए गए। प्रमोद को उड़ीसा सरकार की ओर से बीजू पटनायक अवार्ड भी मिल चुका है। हाजीपुर के विधायक अवधेश सिंह, लालगंज के विधायक संजय कुमार सिंह, पातेपुर विधायक लखेंद्र पासवान समेत महुआ के विधायक डा. मुकेश रोशन ने भी प्रमोद को शुभकामनाएं दी थीं।
