पटना. आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव (Lalu Yadav) के पारिवारिक कुरुक्षेत्र में बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने अपनी महाभारत और तेज कर दी है. तेजप्रताप ने अपना अलग छात्र संगठन खड़ा कर पार्टी और परिवार में अपनी हकमारी के खिलाफ अलग राह पकड़ने की शुरुआत कर दी है.

आरजेडी के महज पांच गांव के रूप में अपना हक मांगकर महाभारत का ऐलान करने वाले लालू के बड़े लाल तेजप्रताप यादव ने अब अपने एक अलग छात्र संगठन का ऐलान कर दिया है. आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह जिन्हें तेजप्रताप हिटलर कहते हैं, उन्होंने तेजप्रताप के खासमखास आकाश यादव को छात्र आरजेडी के अध्यक्ष के पद से हटा दिया. उसी समय से तेजप्रताप यादव महाभारत ठाने हुए हैं.

इधर जबसे तेज ने लालू के घर में महाभारत ठानी है, वे अब भाजपा को बड़े प्यारे लगने लगे हैं. भजपा के नेता और बिहार सरकार में मंत्री नीरज सिंह बबलू कह रहे हैं कि तेजप्रताप बहुत टैलेंटेड नेता हैं, तो बिहार सरकार में मंत्री सम्राट चौधरी कह रहे हैं कि आरजेड़ी और लालू अक्षम हो गए हैं, इसीलिये तेज ने अपनी अलग दुकान खोल ली है.



रक्षाबन्धन के अवसर पर लालू के दोनों लाल बारी-बारी से लालू के दिल्ली दरबार मे हाजिर हुए थे. तेजप्रताप यादव उसके बाद वृंदावन चले गए तो लगा कि लालू ने सीजफायर करा दिया है. लेकिन अब लगता है लालू यादव भी दोनों भाइयों में समझौता नही करा पाए हैं. तेजप्रताप इसके पहले भी लालू-राबड़ी मोर्चा बना चुके हैं. अब छात्र का अलग संगठन, तेजप्रताप के रुख को देखकर तो यही लग रहा है कि अभी तो ये महाभारत का आगाजभर है.
