बुधवार को दिनदहाड़े शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के राजवंशीनगर स्थित जल परिषद के पास स्कूटर से हाईकोर्ट जा रहे अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें राजवंशीनगर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शास्त्रीनगर थानेदार निहार भूषण ने बताया कि प्रारंभिक जांच में भूमि विवाद की बात सामने आ रही है। जितेन्द्र के बड़े भाई राजकुमार ने अधिवक्ता की पत्नी, साले सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। देर शाम पत्नी सहित चार नामजद अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की एक टीम मुजफ्फरपुर भी भेजी गई है।
अधिवक्ता की हत्या की सूचना के बाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता सड़क पर उतर गए। बेली रोड जाम कर दिया। आरोपितों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग करने लगे। घटना के बाद जोनल आइजी नैय्यर हसनैन खान ने डीआइजी राजेश कुमार से बातचीत की। पूरे मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन कर दिया। डीआइजी के नेतृत्व में दस सदस्यीय विशेष टीम पूरे मामले की जांच कर आरोपितों को गिरफ्तार करेगी।
खगौल के मोतीचौक निवासी जितेन्द्र कुमार हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। जितेन्द्र समेत तीन भाई हैं। बड़े भाई राजकुमार होम्योपैथ डॉक्टर हैं। छोटा भाई संतोष है। जितेन्द्र पिछले कई सालों से अपने बड़े भाई राजकुमार और उनके परिवार के साथ ही राजीवनगर थाना क्षेत्र की मजिस्ट्रेट कॉलोनी की गुरु सहाय लेन में किराए के मकान में रहते थे।
सीनियर अधिवक्ता को लेने गए थे पुनाईचक
राजवंशी नगर के जल पर्षद कार्यालय के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से किसी ने उनकी पीठ में गोली मार दी। गोली लगते ही वह वहीं गिर पड़े। एक राहगीर ने गोली की आवाज सुनी और मौके पर पहुंच गया। तब उनकी सांसें चल रही थीं।