मुजफ्फरपुर बाल गृह का मामला : 39 बच्चों का नाम पता होने के बाबजूद घर जाने से जबरन रोका गया

MUZAFFARPUR : बालगृहों में बच्चों संग होनेवाली जबरदस्ती के मामले खुल कर सामने आ रहे हैं. पहले से ही एक बालिका गृह कांड को लेकर बदनाम हो चुके मुजफ्फरपुर जिले से एक बार फिर से एक बालगृह का नाम सामने आया है. इस बाल गृह पर बच्चों को जबरन रखने और उन्हें घर नहीं जाने देने का आरोप लग रहा है. वही इस खबर के मीडिया में आने के बाद से ही प्रशासन ने भी इसे प्राथमिकता से लिया है. 

प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर में एक एनजीओ के तहत बाल गृह चलाया जाता है. इसी बाल गृृह पर बच्चों को जबरन रखने और उन्हें घर नहीं जाने देने का आरोप लगा है. जानकारी के अनुसार ये इस बाल गृह में ये काम सत्यापन होने के बाद भी हो रहा है. लगभग 39 बच्चों को सत्यापन के बाद भी जबरन घर नहीं जाने दिया जा रहा है. 

इस खबर के मीडिया में आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है. जानकारी के अनुसार मुजफ्फरपुर के डीएम मोहम्मद सोहेल, एसडीओ, डीडीसी सिटी एसपी मौके पर पहुंचे हैं. सभी अधिकारियों ने बाल गृह के अंदर रह रहे बच्चों से बाचतीत भी की है. वही डीएम ने बाल गृह के संचालक को बुलाने का भी निर्देश दे दिया है.

मिल रही जानकारी के अनुसार डीए समेत अन्य अधिकारियों के यहां पहुंचे हुए 2 घंटे से ज्यादा बीत गए हैं लेकिन अभी भी बाल गृह संचालक नहीं पहुंचा है. इस बीच खबर मिल रही है कि एनजीओ और बाल गृह के संचालक को गिरफ्तार भी किया जा सकता है. वही मुजफ्फरपुर से सामने आए इस मामले ने एक बार फिर से बालगृहों की स्थिति को लेकर कई सारे सवाल खड़े कर दिए हैं. बच्चों को सत्यापन के बाद भी घर नहीं जाने के पीछे का कारण क्या है ये तो जांच के बाद हीं पता चलेगा.

गौरतलब है कि पिछले माह राजधानी पटना में भी अपना घर नाम के एक बालगृह से भी ऐसा ही मामला सामने आया था. यहां भी सत्यापन के बाद बच्चों को जबरन रखने का मामला सामने आया था. यहां पर रहने वाले बच्चों ने आरोप था कि मां और पिता जब लेने आते है तो उन्हें जाने नहीं दिया जाता है. वही यहां के बच्चों ने रात में जबरन नशे की दवा देने की बात भी बताई थी. एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें बच्चे की मां अपने बेटे को लाने के लिए आई थी, लेकिन बच्चे को नहीं जाने दिया जा रहा था.


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