बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए सभी के मन में ये चिंता सता रहा की कहीं फिर से सम्पूर्ण लॉकडाउन न हो जाए। उनके लिए अभी तक तो राहत की खबर है। खबर अभी तक ऐसी आ रही है कि कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बाद भी अभी पटना के बाजार बंद नहीं होंगे। कोरोना के प्रसार की रोकथाम के लिए सख्ती बढ़ाई जाएगी। बुधवार को जनप्रतिनिधियों और व्यावसायिक संगठनों ने डीएम के साथ हुई बैठक में बाजार खुला रखने की मांग की। जिसके बाद प्रशासन ने निर्णय लिया है कि गुरुवार से ही मास्क, सैनेटाइजर और कोरोना मानकों का पालन करने के लिए सख्ती बढ़ाई जाएगी

व्यावसायिक संगठनों ने भी आश्वासन दिया कि दुकानों के सामने इस संबंध में नोटिस लगाएंगे। बिना मास्क किसी ग्राहक को प्रवेश नहीं देंगे। पटना में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने जिले के जनप्रतिनिधि और व्यावसायिक संगठनों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक की। जनप्रतिनिधियों में मुख्य रूप से सांसद रामकृपाल यादव, पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव, मंत्री नितिन नवीन, विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू के अलावा कई विधायकों ने अपनी राय रखी।

बैठक में जिले के सांसद और विधायकों के अलावा व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि संपूर्ण लॉकडाउन के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि कोविड-19 के मानकों के अनुपालन करने के लिए और कड़ाई की जाए। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि बाजार पूरी तरह बंद कर दिए जाने से व्यवसायी और आम जनजीवन पर असर पड़ेगा। वर्तमान में पर्याप्त प्रतिबंध है। इसलिए लोगों में वायरस के संक्रमण को देखते हुए जागरूकता लाने का प्रयास किया जाए।

दरअसल, प्रशासन की चिंता है कि यदि कोरोना वायरस का संक्रमण इसी रफ्तार से जारी रहा तो ऐसी स्थिति में बाजार में भीड़ को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
जिसमें या तो दुकानों को अल्टरनेट या क्षेत्रवार बंदी का निर्णय लिया जा सकता है इससे पहले जिलाधिकारी व्यवसाय एवं जनप्रतिनिधियों से उनकी राय ले रहे थे। अभी पटना में रोजाना दो हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं।