मुजफ्फरपुर। संयुक्त खेत मजदूर संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर समाहरणालय के समक्ष धरना दिया। इसका नेतृत्व अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा राज्य कार्यकारिणी सचिव शत्रुघ्न साहनी ने किया। इस अवसर पर बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन के राम नरेश पासवान व बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन जिलाध्यक्ष अवधेश पासवान ने संबोधित किया।
इस दौरान केंद्रीय कानून के साथ खेत व ग्रामीण मजदूरों के लिए बिहार में केरल के तर्ज पर एक व्यापक कानून बनाने, उनके लिए अलग से कल्याण बोर्ड का गठन करने, बंद्योपाध्याय आयोग की रिपोर्ट लागू करने, बटाईदारी कानून बनाने, हदबंदी से फाजिल जमीन, भूदान की जमीन, केशरे हिन्द वाली जमीन, गैरमजरूआ परती जमीन दलितों, भूमिहीनों व गरीबों के बीच वितरित किया जाए।
सभी भूमिहीन परिवारों को बसने के लिए 10डिसमिल जमीन देने, जो जहां बसे हैं उन्हें तत्काल वासकीत पर्चा दिया देने, बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीबों को उजाड़ने पर रोक लगाने , सरकार द्वारा नया वास-आवास कानून बनाने, मांग आधारित मनरेगा कानून में केन्द्र सरकार छेड़छाड़ करना बंद करे।
सभी मजदूरों को 200 दिन काम, 600रुपये दैनिक मजदूरी और कार्यस्थल पर भुगतान की गारंटी करने, सभी बकाया मजदूरी का अविलंब भुगतान किया जाए। राज्य मनरेगा परिषद में खेत व ग्रामीण मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि को भी शामिल किया करने, दलितों, गरीबों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं पर बढ़ते दमन-उत्पीड़न पर रोक लगाने, भोजन अधिकार कानून को सख्ती से लागू करने, दक्षिण के राज्यों की तरह खाद्य सुरक्षा के तहत जरूरी 14 सामान की आपूर्ति करने, सरकार प्रवासी मजदूरों का रजिस्ट्रेशन कराने और एक विशेष कानून बनाने,
मृत्यु व दुर्घटना की स्थिति में क्रमश: 10 लाख और 5 लाख रुपये की सहायता देने, अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्रों को चालू करने, वहां डॉक्टर, नर्स, ड्रेसर और पर्याप्त दवा की व्यवस्था करने, पीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित हड्डी और सर्जरी के डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, समान स्कूल प्रणाली लागू करने, सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यालय में आधारभूत संरचना,
पर्याप्त शिक्षक और नियमित कक्षा संचालन की गारंटी की करने, सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने , गरीबों के लिए जारी योजना व अन्य विकास योजनाओं में मची लूट व भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने, खेत मजदूर संगठनों के प्रतिनिधित्व के आधार पर पंचायतों में निगरानी समिति का गठन करने,
55 साल से ऊपर के सभी स्त्री-पुरुषों को पेंशन देने की व्यवस्था करने, नफरत और सांप्रदायिक विभाजन में लगे संगठनों व व्यक्तियों को चिन्हित कर उन पर सख्त कार्रवाई करने, बेतहाशा बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने, डीजल-पेट्रोल व सरसों तेल के दाम को कम करने, बढ़ते अपराध, लूट व हत्या पर रोक लगाने व जान-माल की सुरक्षा की गारंटी करने की मांग की गई। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को मांग का ज्ञापन भी सौंपा।धरना को दिनेश भगत, अब्दुल गफ्फार, मदन प्रसाद, रामबली राय, राम किशोर झा, रामनरेश ठाकुर, सुरेश राम, विश्वनाथ महतो, रीना देवी, राजेश राम आदि ने संबोधित किया।
