मुजफ्फरपुर। जिले में राजस्व कर्मचारियों की तैनाती की स्थिति सही नहीं होने के कारण भूमि विवाद एवं जमीन संबंधी कार्य लंबित है। बताया जाता है कि जिले में राजस्व कर्मचारी के स्वीकृत 151 पदों में से 84 ही कार्यरत है।

इनमें से 23 ऐसे है जिन्हें सेवानिवृति के बाद संविदा पर बहाल किया गया है। ऐसे में भूमि संबंधी मामले के निष्पादन को लेकर सरकार पर प्रेशर रहता है।
राजस्व कर्मचारियों की तैनाती के मामले में औराई की स्थिति सबसे खराब है। यहां स्वीकृत पद 13 में से महज तीन कर्मचारी ही कार्यरत हैं। मीनापुर और मोतीपुर में 12 में से चार-चार कर्मचारी ही पदस्थापित हैं।
मुरौल एवं मड़वन अंचल में स्वीकृत पांच-पांच पदों में इतने कर्मचारी तैनात हैं। मुरौल में चार संविदा पर बहाल कर्मचारी हैं। शहर से सटे मुशहरी अंचल में सबसे अधिक भूमि विवाद एवं जमीन से जुड़े मामले आते हैं।
यहां 12 में से पांच कर्मचारी ही पदस्थापित हैं। इन्हें नगर निगम क्षेत्र का भी काम देखना पड़ता है। इसके अलावा पारू में 12 में छह, कांटी में 12 में चार, सरैया में 11 में छह, बोचहां में नौ में पांच, कुढऩी में 13 में सात, साहेबगंज में नौ में पांच, गायघाट में 12 पांच, सकरा में 10 में सात,कटरा में 10 में चार, बंदरा में पांच में चार कर्मचारी तैनात हैं।


