PATNA/ नियम और प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले उच्च शिक्षा के निजी संस्थानों में ताला लग जाना ही बेहतर होगा : लालजी टंडन

पटना. राज्यपाल सह कुलाधिपति लालजी टंडन ने कहा कि नियम और प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले उच्च शिक्षा के निजी संस्थानों में ताला लग जाना ही बेहतर होगा।

राजभवन के आदेश का पालन और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं करने वाले विश्वविद्यालयों पर भी कार्रवाई होगी। सभी विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई पूरा कराएं और समय पर परीक्षा लेकर रिजल्ट प्रकाशित करें। पूर्व से सभी लंबित परीक्षा तुरंत आयोजित कर परीक्षाफल प्रकाशित करें। राजभवन में शुक्रवार को वे कुलपतियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

अगले सत्र से यूएमआईएस लागू
राज्यपाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (यूएमआईएस) का क्रियान्वयन आगामी सत्र से होगा। इसके लिए सभी विवि जनवरी तक एजेंसी का निर्धारण करें। यूएसआईएस क्रियान्वयन के लिए शिक्षा विभाग ने 10 लाख रुपए दिए हैं।

राज्यपाल बोले- जब सरकार नियमित वेतन और सेवांत लाभ के लिए राशि दे दी है, तो भुगतान में देर नहीं होनी चाहिए। पेंशन अदालत लगाकर सेवांत लाभ के मामले को निष्पादन करें। बीएड पोस्ट एप्स पर अपडेट तस्वीरों का निरंतर परीक्षण होता रहे। बीएड कॉलेजों में शिक्षण और उपस्थिति का निरीक्षण लगातार करें। राज्यपाल ने बायोमैट्रिक सिस्टम जनवरी 2019 तक शेष सभी शिक्षण संस्थानों में लागू करने को कहा। राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस के जरिये खरीददारी के निर्देश दिए।

समय सीमा में पूरा करें योजनाएं
राज्यपाल सचिवालय में नवनियुक्त सलाहकार (उच्च शिक्षा) अर्थशास्त्री प्रो. आरसी सोबती ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के सुधार प्रयासों को और अधिक तेज करना होगा। योजनाओं का कार्यान्वयन समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा।

बीपीएससी से तय पात्रता पर गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति
राज्यपाल ने कहा कि सभी वीसी संस्थानों व कोर्स की मान्यता के प्रस्ताव हर हाल में 15 जनवरी 2019 तक राज्य सरकार को भेज दें। विश्वविद्यालयों को यह देखना है कि मान्यता प्राप्ति के लिए अनुशंसित कॉलेज निर्धारित मानक पर खरा उतर रहे हैं या नहीं। विश्वविद्यालयों को आरक्षण नियमों और बीपीएससी द्वारा निर्धारित पात्रता के अनुरूप गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति जल्द कर लेना चाहिए, ताकि पढ़ाई बाधित नहीं हो।

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