मुजफ्फरपुर। एईएस से बच्चों को बचाने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। इसके लिए एसकेएमसीएच परिसर में एईएस प्रभावित जिले के चिकित्सा पदाधिकारी को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
160 चिकित्सकों को प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। मास्टर ट्रेनर अपने-अपने पीएचसी में फ्रंटलाइन वर्करों को एईएस प्रोटोकाल और एसओपी के अनुसार बचाव के बारे बताएंगे।
पटना से आए विशेषज्ञ व एसकेएमसीएच के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डा. गोपाल शंकर सहनी मुख्य प्रशिक्षक होंगे। एईएस के जिला नोडल पदाधिकारी डा.सतीश कुमार ने कहा कि 40-40 चिकित्सकों का बैच बनाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस महीना के अंत तक सारी तैयारी को अंतिम रूप दिया जाएगा। एईएस पी’ड़ित बच्चे का रेफरल कार्ड बनेगा। कार्ड में रियल टाइम रिपोर्टिंग यानी बीमार होने के बाद रेफर होने तक इलाज में कौन-कौन सी किस समय में दवा चली, कब डिस्चार्ज हुआ यह रहेगा।
पीएचसी से रेफर होने के बाद यदि बच्चा एसकेएमसीएच आता है तो उसके इलाज में मदद मिलेगी। कार्ड का आनलाइन रिकार्ड रखा जाएगा। जब किसी भी बच्चे के बीमारी का डिटेल पता करना होगा तो एक क्लिक में सभी प्रकार की ट्रैकिंग आसानी से हो जाएगी।
मुजफ्फरपुर के साथ दरभंगा, वैशाली, सारण, सिवान, समस्तीपुर, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण एवं पश्चिमी चम्पारण, मधुबनी, बेगूसराय, बेतिया से पीड़ित होकर बच्चे इलाज के लिये एसकेएमसीएच के पीकू वार्ड में आते है। इसलिए यहां के चिकित्सक को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहां पर एंबुूलेंस की विशेष सुविधा रहेगी। जीविका दीदी व आशा जागरूकता में सहयोग करेगी।

