मुजफ्फरपुर कि’शोर न्’याय बो’र्ड के प्रधान दं’डाधिकारी व अन्य सदस्यों की ओर केंद्रीय का’रा निरीक्षण किया गया। इसमें एक वार्ड में 82 बं’दियों को रखने का मामला प्रकाश में आया है। जे’ल प्रशासन ने इन बं’दियों की उम्र कम होने की वजह से एक ही वार्ड में उन्हें रखने की बात कही है। इतना ही नहीं, लंबे समय से माता-पिता या अभिभावकों से भी इनका सं’पर्क नहीं हो पाया है।
यही वजह है कि ये काफी समय से जे’ल में बंद हैं। बो’र्ड ने मामले को गं’भीरता से लेते हुए जे’ल अधीक्षक को सभी बं’दियों को इनके अभिभावकों से सं’पर्क कराने का आ’देश दिया है। साथ ही इन बंदियों के वाद सहित सूची अ’विलंब देने का आ’देश दिया है।
जिन बं’दियों की वा’द की सुनवाई के लिए वकील नहीं हैं, उनके लिए जिला विधिक प्राधिकार सेवा से समन्वय स्थापित कर वकील की व्यवस्था कराने का आदेश दिया गया है। कि’शोर न्याय बो’र्ड ने पाया कि सिकंदरपुर स्थित पर्यवेक्षण गृ’ह में विधि वि’वादित कि’शोरों के खेलने के लिए खुला स्थान नहीं है।
शिक्षा के लिए शिक्षकों की भी कमी मिली। पर्यवेक्षण गृ’ह की क्षमता 50 की है, जबकि यहां मुजफ्फरपुर के 42, सीतामढ़ी के 64, हाजीपुर के 23 एवं शिवहर के सात किशोर आवासित हैं।
ये सभी चार क’मरों में रखे जाते हैं। सु’रक्षा ब’लों की कमी भी सामने आई। सीतामढ़ी के कि’शोरों को वहां बन रहे पर्यवेक्षण गृ’ह के तैयार होने तक अन्य जिले के पर्यवेक्षण गृ’ह में भेजने का आ’देश दिया गया है।

