खगड़िया के गोगरी थाना क्षेत्र स्थित बरेटा गांव के दिलखुश कुमार की पटना स्थित लॉज में श’व मिला है। जिसमें ह’त्या का आ’रोप लॉज के ऑनर, उनकी बहु और पुत्र पर लगा है।

पटना पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। इधर छात्र दिलखुश की मौ’त की खबर सुनते ही बुधवार रात से ही उसके घर परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मामला बुधवार देर शाम पटना के सुल्तानगंज मुहल्ला का है।

मृ’तक छा’त्र की पहचान खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र स्थित बरेटा गांव निवासी कैलाश यादव के पुत्र के रूप में हुई है। सुल्तानगंज थाना में आवेदन देकर मृतक के पिता ने कहा है कि उसका दोनों पुत्र कृष्णा कुमार और दिलखुश कुमार सुल्तानगंज मुहल्ला में स्व. ओमप्रकाश पांडेय के लॉज में एक वर्ष से रहता है।

बुधवार को दिन में मकान मालिक ने स्व ओमप्रकाश पांडेय की पत्नी तनुजा पांडेय, पुत्र तरुण कुमार और बहू श्वेता पांडेय ने दिलखुश को बुलाकार किराया बढ़ाने का दवाब बनाया था। जिसके बाद उन लोगों के साथ बहस हो गई थी। जिसकी जानकारी दिलखुश ने अपने बड़े भाई कृष्णा कुमार को फोन कर दी। वहीं कृष्णा कुमार जब देर शाम लौटा तो दिलखुश ने दरवाजा नहीं खोला। जिसके बाद उसने खिड़की से झांक कर देखा तो दिलखुश फांसी के फंदे पर झूल रहा था।

इधर कृष्णा ने हा’दसे की जानकारी अपने पिता को दी तो खगड़िया से देर रात पटना पहुंचे मृ’तक के पिता और अन्य परिजन पुलिस के साथ लॉज में पहुंचे। जहां लॉज के कमरे का दरवाजा खुला पाया और दिलखुश का श’व जमीन को छूटे हुए पाया।

बताया जाता है कि दिलखुश का श’व छट में लगे पंखा में कपड़े की रस्सी बनाकर टंगा हुआ मिला, जबकि उसका पैर जमीन पर था। ऐसे में ह’त्या की आ’शंका और बढ़ गई।

घटना की जानकारी पर पटना पहुंचे मृ’तक के परिजनों ने बताया कि देर रात पुलिस के समक्ष श’व को बाहर निकाला गया। जबकि गुरुवार की सुबह पो’स्टमार्टम की प्रक्रिया अपनाई गई। इधर मृ’तक के घर पर श’व आने का लोग इंतजार कर रहे हैं।
