मुजफ्फरपुर। पीएनबी में हुए सा’इबर फ्रॉ’ड की जांच भी सी’बीआई को सौंपने की तैयारी चल रही है। मुजफ्फरपुर एसएसपी ने अब तक की जांच के आधार पर पीएनबी सा’इबर फ्रॉ’ड को पांच करोड़ रुपए से अधिक का बताया है।
जिले में एक पीएनबी से करीब पांच क’रोड़ की रकम का सा’इबर फ’र्जीवाड़ा सामने आया है। इसमें बैंक के कर्मियों की संलिप्ता उजागर हुई है। आरबीआई गाइडलाइन के मुताबिक, तीन करोड़ रुपये से अधिक के बैंक फ्रॉ’ड के’स की जांच सी’बीआई करेगी।
इस आधार पर इस के’स को भी सीबीआई को सौंपने की तैयारी है। इसके लिए एसएसपी ने बैंक के आंचलिक हेड से आंतरिक जां’च रि’पोर्ट तलब की है। पीएनबी सा’इबर फ्रॉ’ड की जांच सीबीआई करती है तो इसमें देशस्तर पर हवाला कारोबारियों के नाम से खोले गए करीब दो दर्जन बैंक अकाउंट में नो’टबंदी के बाद हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन का राज भी खुल सकता है। अबतक पुलिस उन घोस्ट खातों की प’ड़ताल नहीं कर सकी है।
एसएसपी ने बताया कि पीएनबी की साइंस कॉलेज शाखा के कैशियर नीतेश कुमार और उससे जुड़े गि’रोह के शा’तिरों ने स्वी’कारोक्ति बयान में 10 ग्राहकों के खाते से करीब 2.25 करोड़ रुपये की फ’र्जी निकासी की बात स्वी’कार की है।
सभी 10 ग्राहक मुजफ्फरपुर के अलावा मोतिहारी, सारण और सीतामढ़ी के हैं। स्वीकारोक्ति बयान के अतिरिक्त छा’पेमारी में पुलिस को नीतेश व उसके साथियों के ठि’काने से 50 से अधिक ग्राहकों की बैंक डि’टेल, आधार कार्ड व अन्य दस्ता’वेज मिले थे।
सभी दस्तावेज के संबंध में बैंक के प्रधान कार्यालय को सूचित करते हुए उनके खातों से हुई निकासी की रिपोर्ट मांगी गई थी, जो अबतक बैंक अधिकारियों ने नहीं सौंपी है। एसएसपी ने बताया कि सभी ग्राहकों के खाते का स’त्यापन करने पर मामला पांच करोड़ रुपये से अधिक का हो रहा है, लेकिन इसका स’त्यापन बैंक की जांच रिपोर्ट से ही होगा।
एसएसपी ने बताया कि बैंक से आंतिरक रि’पोर्ट आने के बाद मामले को मुख्यालय स्थानांतरित कर सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया जा सकेगा।
एसएसपी जयंत कांत का कहना है कि पीएनबी के ग्राहकों के साथ फ’र्जीवाड़े का मामला पांच करोड़ रुपये से अधिक का है।
पटना मुख्यालय को रिपोर्ट दी गई है। हाईको’र्ट में शपथ पत्र भी दिया गया है। बैंक से पुलिस को कोई आं’तरिक रि’पोर्ट अबतक नहीं मिली है। आरबीआई की गाइडलाइन के मुताबिक यदि यह के’स सीबीआई को मिलता है तो तमाम जांच रिपोर्ट उसे सौंप दी जाएगी।
