बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में इस बार न’कलचियों का नया ट्रेंड दिख रहा है। नकल के लिए स्टूडेंट्स बड़ी अकल लगा रहे, लेकिन सेंटर पर सख्ती से पोल खुल रही है। अब तक बोर्ड ने जितनी भी कार्रवाई की है उसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

स्टूडेंट्स नकल के लिए सेंटर पर काफी लेट से पहुंचते हैं, जिससे गेट पर चेकिंग नहीं हो पाए। वह परीक्षा हॉल में पहुंच जाते हैं। स्टूडेंट्स के इस ट्रेंड को भांपने के बाद ही बिहार बोर्ड ने वीक्षक को बड़ी जवाबदेही के साथ लगाया है।

बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में नकलची स्टूडेंट्स नकल के लिए अकल लगा रहे हैं। ऐसे स्टूडेंट्स जो नकल के जुगाड़ में रहते हैं, वह इस बार परीक्षा सेंटर मे ऐसे समय पर पहुंचते हैं जब चेकिंग का टाइम नहीं रह जाता है। बिहार बोर्ड ने गेट पर छात्र और छात्राओं के लिए चेकिंग की विशेष व्यवस्था की है। चेकिंग के दौरान पकड़े नहीं जाएं, इस कारण से स्टूडेंट्स लेट आते हैं। सेंटर पर ड्यूटी करने वाले टीचरों का कहना है कि नकलचियों की चालाकी नहीं चल पा रही है, क्योंकि सेंटर पर गेट पर चेकिंग के साथ परीक्षा कक्ष में भी चेकिंग की जाती है। वीक्षक को जवाबदेही के साथ लगाया जाता है, उन्हें लिखित देना होता है कि कक्ष में कोई नकल की सामग्री नहीं है।

मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2022 के छठे दिन 23 फरवरी को दोनों पालियों में द्वितीय भारतीय भाषा के तहत विभिन्न भाषा विषयों की परीक्षा हुई। इसके साथ ही मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2022 के मुख्य विषयों की परीक्षा बुधवार को समाप्त हो गई है। गुरुवार 24 फरवरी को मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2022 के अंतिम दिन दोनों पालियों में ऐच्छिक विषयों की परीक्षा होगी, जिसमें सम्मिलित होने के लिए कुल 16.45 लाख विद्यार्थियों में से मात्र 16,179 विद्यार्थियों ने ही परीक्षा फॉर्म भरा है।

बुधवार को बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में 20 स्टूडेंट्स को नकल करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है, जबकि 13 ऐसे स्टूडेंट्स पकड़े गए जो दूसरे की जगह एग्जाम दे रहे थे। नकल करते पकड़े गए 20 स्टूडेंटस में पटना में एक, नालंदा में दो, भोजपुर में दो, सारण में 3, सुपौल में एक, रोहतास में 6, गोपालगंज में 4 और मधुबनी में एक नकलची पकड़ा गया है। बोर्ड ने सभी 20 नकलची को परीक्षा से बाहर कर दिया है। इसी क्रम में मधेपुरा और जहानाबाद में तीन तीन जबकि सुपौल में दो और खगड़िया, गया, कैमूर, नवादा एवं बांका में एक स्टूडेंट्स को दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया है।

बिहार बोर्ड क अध्यक्ष आनन्द किशोर ने पटना के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। दयानंद बालक विद्यालय, मीठापुर, दयानंद कन्या विद्यालय, मीठापुर, बीडी कॉलेज, मीठापुर तथा देवीपद चौधरी स्मारक (मिलर) इंटर स्कूल, पटना में परीक्षा की व्यवस्था देखी। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष द्वारा परीक्षा केन्द्रों के केन्द्राधीक्षक से मैट्रिक वार्षिक परीक्षा के दौरान परीक्षा संचालन के संबंध में फीडबैक भी लिया।

गुरुवार 24 फरवरी को मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2022 का आखिरी पेपर है। दोनों पालियों में ऐच्छिक विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। ऐच्छिक विषयों में प्राप्त अंक को कुल प्राप्तांक में नहीं जोड़ा जाता है। अतः सभी विद्यार्थी के लिए यह विषय लेना अनिवार्य नहीं है। प्रथम पाली में ऐच्छिक विषयों के अन्तर्गत उच्च गणित, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, पर्सियन, संस्कृत, अरबी एवं मैथिली विषयों की परीक्षा होगी। प्रथम पाली में ही ऐच्छिक विषयों के अन्तर्गत ललित कला, गृह विज्ञान, नृत्य एवं संगीत विषयों की भी परीक्षा होगी।

दूसरी पाली मे भी ऐच्छिक विषयों के अन्तर्गत उच्च गणित, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, पर्सियन, संस्कृत, अरबी एवं मैथिली विषयों की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में ही ललित कला, गृह विज्ञान, नृत्य एवं संगीत विषयों की परीक्षा भी होगी। मैट्रिक वार्षिक परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षा फॉर्म भरे हुए कुल विद्यार्थियों में से मात्र 16,179 (प्रथम पाली- 8,060 एवं द्वितीय पाली- 8,119) विद्यार्थियों ने ही 24 फरवरी गुरुवार को होने वाली ऐच्छिक विषयों की परीक्षा के लिए पूरे राज्य में परीक्षा फॉर्म भरा है।