मुजफ्फरपुर। जिले के जिन स्कूलों ने बच्चों को मेधा सॉफ्ट पर बच्चों की इंट्री नहीं ही है, उन स्कूल प्रभारी व बीईओ पर गा’ज गिर सकती है। इसके लिए डीईओ अब्दुल सलाम अंसारी ने स’ख्ती करते हुए का’र्रवाई का आदेश दिया है।
बताया जा रहा है कि जिले के ऐसे 1617 स्कूल का’र्रवाई के घेरे में है। डीइओ ने कहा है कि इस मामले में बीईओ व स्कूल प्रभारी का वेतन बं’द किया जाएगा। विभाग की ओर से दो मार्च तक सभी स्कूल को मेधा सॉफ्ट बच्चों की इंट्री करने का आदेश दिया गया था।
लेकिन, जिले में हाल यह कि अब तक 50 फीसदी स्कूल ने बच्चों की इंट्री की ही नहीं है। मेधा सॉफ्ट पर स्कूल की ओर से इंट्री करने के बाद प्रखंड स्तर पर उसकी जांच की जाती है। उसके बाद जिला स्तर पर उसकी जांच की जाती है।
इन सारी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद अंतिम रूप से अनुमोदन होता है और तब मेधा सॉफ्ट पर बच्चों की इंट्री को मान्यता मिलती है और इन बच्चों को स्कूली योजनाओं का लाभ मिलता है।
लेकिन, अब तक जिले में 3289 स्कूलों में 1672 स्कूलों ने ही बच्चों की इंट्री तक की। डीईओ अब्दुल सलाम अंसारी ने कहा कि बुधवार तक की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
ऐसे में इन स्कूलों की ला’परवाही यह द’र्शा रही है कि विभाग के आदेश के प्रति म’नमानी की जा रही है। संबंधित प्रखंड के बीईओ के साथ ही इन सभी स्कूल के हेड मास्टर का वे’तन बंद कर दिया जाएगा अगर बुधवार तक सभी स्कूल की एंट्री पूरी नहीं होती है।
डीईओ के अनुसार कई प्रखंड ऐसे हैं जहां 30 से 40 फीसदी स्कूलों ने ही अब तक बच्चों की इंट्री मेधा सॉफ्ट में की है। औराई, गायघाट, कुढ़नी, मीनापुर समेत कई प्रखंड के स्कूलों की स्थिति बेहद ही नि’राशाजनक है।
इन प्रखंडों में बहुत ही कम स्कूलों ने अब तक इंट्री की है। औराई में 216 में 108 स्कूल ने ही अब तक बच्चों की इंट्री की है। वहीं, गायघाट में 237 में महज 82 स्कूलों ने ही अब तक मेधा सॉफ्ट पर बच्चों की इंट्री की है। कुढ़नी में 282 में 169, मीनापुर में 237 में 120 स्कूल ने ही मेधा सॉफ्ट पर बच्चों की इंट्री की है।

