मुजफ्फरपुर। जमीन का इंतजाम नहीं होने के कारण दो औद्योगिक पार्क पर केंद्रीय अनुदान से वंचित हो सकते है। गोरौल में खुलने वाले प्लास्टिक पार्क के लिए जरूरी दो सौ एकड़ जमीन उपलब्ध नहीं हो सका।
बियाडा 54 एकड़ जमीन का ही इंतजाम कर सका। जबकि केंद्र सरकार से अनुदान के लिए प्लास्टिक पार्क के लिए दो सौ एकड़ जमीन अनिवार्य बनाया गया है। केंद्र के मानक के अनुरूप जमीन नहीं होने से प्लास्टिक पार्क के केंद्रीय अनुदान से वंचित होने की नौबत आ गई है।
यही स्थिति बेतिया के कुमारबाग में खुलने वाले टेक्सटाइल्स पार्क के साथ बनी हुई है। केंद्र की योजना के तहत अनुदान के लिए टेक्सटाइल्स पार्क को एक हजार एकड़ जमीन होनी चाहिए।
लेकिन, कुमारबाग में खुलने वाले टेक्सटाइल्स पार्क के पास एक हजार एकड़ जमीन का इंतजाम नहीं हो सका। केंद्र की योजना के तहत अनुदान के मापदंड पर खरा नहीं उतरने के कारण उद्योग विभाग ने टेक्सटाइल्स पार्क को खुद के फंड से स्थापित करने की तैयारी कर रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र बेला में नई यूनिटों के लिए पर्याप्त जमीन नहीं बची है। बियाडा के कार्यकारी निदेशक एसके सिन्हा के अनुसार केंद्र की योजना के तहत अनुदान के लिए जरूरी कई औद्योगिक पार्क के लिए जमीन का इंतजाम नहीं हो सका है।
ऐसे औद्योगिक पार्क को यथासंभव उपलब्ध जमीन पर विभाग से स्थापित किया जा सकेगा। उत्तर बिहार के दो औद्योगिक पार्क केंद्र से अनुदान के लिए जरूरी मापदंडों पर खरा उतर सके हैं।
इसमें मोतीपुर स्थित मेगा फूड पार्क व बेगूसराय के औद्योगिक विकास केंद्र परिसर में खुलने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स कलस्टर सह मेडिकल डिवाइस पार्क शामिल है।
मेगा फूड पार्क को केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय व इलेक्ट्रॉनिक्स कलस्टर सह मेडिकल डिवाइस पार्क को केंद्रीय सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के स्तर से अनुदान दिया जाएगा। बियाडा ने दोनों पार्क के संबंध में प्रस्ताव भेज दिया है।

