पटना। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए गए है। एक लड़की से छे’ड़खानी के आ’रोप में राकेश तिवारी पर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में के’स दर्ज हुआ है। आ’रोप है कि बिहार क्रिकेट लीग की ब्रांडिंग का काम दिल्ली की जिस कंपनी को सौंपा गया था, उसकी महिला डायरेक्टर को दिल्ली के एक होटल में बुलाया गया और दु’ष्कर्म की कोशिश की गई।

मामले में सात मार्च को के’स दर्ज किया गया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस छानबीन में जुटी है। हालांकि, के’स दर्ज किए जाने के बाद बिहार के क्रिकेटरों व पटना जिला क्रिकेट एसोसिएशन ने कहा है कि किसी के आ’रोप लगा देने से कोई दो’षी नहीं हो जाता है। पुलिस का काम है जांच करना, वो जांच कर रही है। हमें पुलिस जांच तक इंतजार करना चाहिए।
इस मामले में पटना पीडीसीए के उपाध्यक्ष रहबर आब्दीन ने कहा है कि वैसे तो केस के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं। लेकिन यह पता चला है कि एक मामले में दिल्ली में के’स दर्ज किया गया है। आ’रोप लगने से कोई दो’षी नहीं हो जाता।
आ’रोप प्रमाणित होने चाहिए। पुलिस अब इसका अनुसंधान कर रही है। वो इसमें सहयोग कर रहे है। वैसे यह मामला जुलाई से चला आ रहा है और अब के’स हुआ है। उन्होंने कहा कि इस पर ज्यादा टीका-टिप्पणी ठीक नहीं। हमें इंतजार करना चाहिए।
जब तक आ’रोप सिद्ध नहीं हो जाता तब तक किसी को दो’षी नहीं कह सकते। इस मामले की जांच चल रही है। इस पर किसी को ज्यादा राय देने की जरूरत नहीं है। किसी ने आ’रोप लगाया है वो पुराना मामला है। जब उन्हें दोषी नहीं साबित किया गया है तो बीसीए अध्यक्ष को इ’स्तीफा देने की मांग सही नहीं है। न्यायालय के आदेश से पहले पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करना चाहिए।



