6 मार्च को बिहार सरकार के छपरा जिला परिषद में नियुक्त जूनियर इंजीनियर शंभूनाथ सिंह के आवास और ऑफिस समेत 2 ठिकानों पर नि’गरानी विभाग ने छा’पा मारा था। सरकारी नौकरी करते हुए इंजीनियर बाप-बेटे ने लू’ट मचा रखी थी। जितने की इनकी सैलरी नहीं है, उससे कई गुना अधिक इनके पास जमीन-जायदाद और बैंकों में कैश जमा हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं शंभूनाथ सिंह और पटना में जल संसाधन विभाग के रिसर्च एंड ट्रेनिंग डिवीजन-3 में बतौर असिस्टेंट इंजीनियर पोस्टेड इनके बेटे अमित कुमार की। बहुत कम सालों की सरकारी नौकरी में दोनों बाप-बेटे ने मिलकर करोड़ों की चल-अचल संपत्ति बनाई। दोनों हाथों से ये खुलकर रुपए बटोर रहे थे। इस बात का खुलासा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के FIR से हुआ है।

इसकी कॉपी पढ़ने से काफी सारी बातें सामने आई है। इन दोनों ने मिलकर अपनी काली कमाई को कब? कहां और किस चीज में इन्वेस्ट किया? इन सबका पूरा लेखा-जोखा FIR में है। मतलब साफ है कि 6 मार्च को इनके ठिकानों पर छापेमारी करने से पहले निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम जूनियर इंजीनियर शंभूनाथ सिंह और उनके पूरे परिवार की कुंडली खंगाल कर बैठी हुई थी। निगरानी ने इनके खिलाफ 1 करोड़ 96 लाख 55 हजार 600 का आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। सूत्र बताते हैं कि सरकारी टेंडर और उसके बिल को पास करने के लिए 2.5 से 5 प्रतिशत तक के कमीशन का खेल चल रहा था। इस तरीके से दोनों बाप-बेटे अ’वैध कमाई कर रहे थे।

पिता की 16 तो बेटे की नौकरी को हुए 7 साल हो गए हैं। जूनियर इंजीनियर शंभूनाथ सिंह की सरकारी नौकरी को हुए करीब 16 साल का वक्त गुजर चुका है। इन्होंने साल 2006 में नौकरी जॉइन की थी। सैलरी के रूप में अब तक 90 लाख रुपए इस अवधि में यह कमा चुके हैं। इनके असिस्टेंट इंजीनियर बेटे ने साल 2014 में सरकारी नौकरी जॉइन की थी। सैलरी के रूप में अमित अब तक करीब 50 लाख रुपए कमा चुका है। घर मे रहने वाली अमित की पत्नी स्नेहा कुमारी भी अपने पति के बराबर 50 लाख रुपए की कमाई कर चुकी है।

जबकि, शंभूनाथ की मुखिया पत्नी भी 25 लाख की कमाई कर चुकी है। जमीन बेचकर इस परिवार ने 11.72 लाख की कमाई की है। निगरानी की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अब तक इस परिवार की कुल आमदनी 2 करोड़ 26 लाख 72 हजार रुपए की है। मगर, इस परिवार के पास नि’गरानी की जांच में आमदनी से कहीं अधिक की खरीदे गए 28 प्रॉपर्टी का पता चला है।

निगरानी के FIR में शंभूनाथ सिंह और इनके बेटे की काली कमाई के जरिए खरीदे गए सभी 28 प्रॉपर्टी का जिक्र है। पटना के दीघा में जमीन और मैनपुरा में फ्लैट खरीद रखा है। बाकी की 26 प्रॉपर्टी छपरा में खरीद कर रखी गई। इसमें अकेले शंभूनाथ सिंह के नाम पर कुल 11 प्रॉपर्टी है। इनकी पत्नी रेखा सिन्हा के नाम पर कुल 9, पत्नी और बेटा अमित कुमार के नाम 2, बहु स्नेहा कुमारी के नाम कुल 3, शंभूनाथ व बहु स्नेहा के नाम पर 2 और पत्नी और बहु के नाम 1 प्रॉपर्टी खरीदी गई है। इसमें 2 प्रॉपर्टी को साल 2006 तो बाकी के सारे प्रॉपर्टी को 2016 से लेकर जून 2021 तक में खरीदा गया है। इन सभी प्रॉपर्टी को खरीदने के पीछे कुल 2 करोड़ 91 लाख 13 हजार 600 खर्च किया गया है।
जूनियर इंजीनियर का पुश्तैनी घर छपरा के गरखा थाना के तहत मोतिराजपुर में है। जब निगरानी की टीम ने गांव के घर में छापेमारी की थी, तब उसी कैंपस में बन रहे नए आलीशान बिल्डिंग का पता चला। जिसकी बाहरी और अंदरूनी बनावट व डेकोरेशन पर लाखों खर्च किए गए हैं। अलग-अलग बैंक के अकाउंट में कुल 65.10 लाख जमा व इन्वेस्ट किया हुआ मिला है। साथ ही 22 लाख की फॉर्च्यूनर और 8 लाख की स्कॉर्पियो के साथ ही 4 बाइक भी इनके पास मौजूद है। मतलब बैंक और गाड़ियों पर कुल 97.14 लाख का खर्च। हर सरकारी अफसर और कर्मचारी को प्रत्येक साल अपनी संपत्ति का डिटेल्स राज्य सरकार को देना पड़ता है।

इंजीनियर बाप बेटों ने भी अपनी संपत्ति का डिटेल्स राज्य सरकार को दिया था। मगर, जब निगरानी की टीम ने इनकी कुंडली को खंगाला तो सरकार को दिया संपत्ति का डिटेल्स अधूरा निकला। मतलब एक सरकारी अफसर होकर इंजीनियर बाप-बेटों ने राज्य सरकार से झूठ बोला। यही नहीं, निगरानी की टीम को पता चला है कि बेटे अमित की पत्नी स्नेहा के नाम पर अलग से JCB, जनरेटर, ट्रैक्टर और स्कोर्पियो गाड़ी भी खरीदी गई है। निगरानी ने अब तक की अपनी जांच में पाया है कि सरकारी पद पर बैठकर दोनों बाप-बेटे भ्र’ष्टाचार में डूबे हुए थे। इनकी काली क’माई को ठि’काने लगाने में दोनों की पत्नियों के भी अहम रोल रहा है। इसलिए FIR में दोनों की पत्नी पर भी साजिश में शा’मिल होने का गंभीर आरोप लगा है। जिसकी प’ड़ताल अभी चल रही है।