मुजफ्फरपुर। एसकेएमसीएच परिसर में तीसरा ऑक्सीजन यूनिट भी काम करना शुरू कर दिया है। इससे एसकेएमसीएच आक्सीजन को लेकर आत्मनिर्भर हो गया है। इसके साथ ही चौथे यूनिट के निबंधन के लिए विभाग को आवेदन कर दिया गया है। एक सप्ताह में अनुमति व लाइसेंस आने के बाद वह यूनिट काम करने लगेगा। एसकेएमसीएच के अधीक्षक डा.बीएस झा ने बताया कि तीसरी लहर में बड़ी परेशानी हुई थी। अब अपना यूनिट लग जाने से इलाज की सुविधा बढ़ी है।
अस्पताल को हर माह 86 लाख रुपये की बचत होती है। पहले एक करोड़ हर माह खर्च होता था लेकिन अब 14 लाख से काम चल जा रहा है। हर बेड पर पाइप से आक्सीजन की आपूर्ति हो रही है।
एसकेएमसीएच में एक हजार बेड की क्षमता है। 15 वार्ड के साथ एक-एक सौ का पीकू व मातृ-शिशु सदन चल रहा है। औसतन प्रतिदिन 800 से 900 के बीच मरीज भर्ती होते हैं। पहले मरीज के लिए बाहर से आक्सीजन लेना पड़ता था, लेकिन अब वैसी बात नहीं है। अब अपने आक्सीजन से उपचार हो रहा है।
एसकेएमसीएच में दो यूनिट 2000 व 280 एलपीएम क्षमता यानी (लीटर प्रति मिनट) आक्सीजन का उत्पादन शुरू हो गया है। इसके साथ एक यूनिट 20 केएल क्षमता का लिक्विड आक्सीजन टैंकर भी अपनी सेवा दे रहा है। आक्सीजन को इस टैंकर में रखते हुए सीधे ही सप्लाई की जा रही है।
आक्सीजन भंडारण के लिए किसी और निजी फर्म पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। आक्सीजन प्लांट जब नहीं तैयार हुआ था तो निजी एजेंसी से मंगाकर काम किया जा रहा था। लेकिन अब उस झंझट से मुक्ति मिल गई है।
एसकेएमसीएच अधीक्षक डा.बीएस झा ने कहा कि प्रत्येक बेड पर आक्सीजन की सुविधा मिल रही है। एसकेएमएमसीएच में तीन यूनिट काम कर रहा है। दो उत्पादन और एक भंडारण का। इससे मरीजों को काफी सुविधा मिल रही है। आर्थिक बचत हो रहरी है। एक यूनिट लगाने के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया चल रही है।
