आनलाइन परीक्षाओं में धां’धली मामले में पटना पुलिस मुजफ्फरपुर स्थित एग्जामिनेशन सेंटर से लाए गए 247 कंप्यूटर की जांच कराएगी। सभी कंप्यूटर को एफएसएल भेजने की तैयारी है। वहीं, मुजफ्फरपुर के रामदयालू स्थित नव इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड आनलाइन एग्जामिनेशन सेंटर को सील करने की कवायद शुरू कर दी गई है। पुलिस ने पटना स्थित उन तीन आनलाइन एग्जामिनेशन सेंटर की पहचान कर ली है, जहां साल्वर गैं’ग की पहुंच थी। उन सेंटरों के दस्तावेज खं’गाले जा रहे हैं।


आनलाइन परीक्षाओं में धांधली करने के आरोप में गत दिनों पटना पुलिस ने अतुल वत्स गिरोह के चार गुर्गों को गि’रफ्तार किया था। इस मामले में दानापुर थाने में अतुल वत्स, रुपेश कुमार, शिवशंकर, अश्विनी सौरभ, तनेश कुमार, विजेंद्र कुमार और उच्जवल कश्यप के खिलाफ मु’कदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल, सरगना अतुल वत्स सहित गिरोह के दो सदस्य उच्जवल कश्यप और विजेंद्र कुमार फ’रार हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अतुल वत्स को परीक्षा केंद्रों का सर्वर हैक करने में महारत हासिल है। उसने दिल्ली में गि’रफ्तार अभिषेक सिंह से सर्वर हैक करना सीखा था। अतुल ने अपने गिरोह में दो दर्जन से ज्यादा लोगों को जोड़ रखा था। एसआइटी को छा’नबीन में यह पता है कि अतुल वत्स खुद टीम के सदस्यों को प्रतियोगी परीक्षाओं में फ’र्जीवाड़ा करने की ट्रेनिंग देता था।

एसआइटी और दानापुर पुलिस गि’रोह के फरार सदस्यों की गि’रफ्तारी के लिए लगातार छा’पेमारी कर रही है। बिजेंद्र समस्तीपुर के विद्यापति नगर जबकि उच्जवल कश्यप पटना सिटी के मालसलामी का रहने वाला है। शा’तिरों की गि’रफ्तारी के लिए पुलिस ने पटना सहित अन्य स्थानों पर छा’पेमारी की, लेकिन उन्हें फिलहाल गि’रफ्तार नहीं किया जा सका है।

लिहाजा, पुलिस अब आ’रोपितो के स्वजनों और साथियों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द साल्वर गि’रोह के सरगना सहित तीनों को गि’रफ्तार कर लिया जाएगा। उधर पुलिस द्वारा राजा बाजार स्थित सिक्योरिटी एजेंसी की इस मामले में मिलीभगत की भी जांच जारी है। पुलिस सिक्योरिटी एजेंसी के हेड से पूछताछ पूरी कर चुकी है। डाक्यूमेंट्री एविडेंस के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर सिक्योरिटी एजेंसी के खि’लाफ भी पुलिस का’र्रवाई करेगी।
