मोतिहारी : पूर्वी चंपारण निवासी एनआईटी, श्रीनगर के छठे सेमेस्टर के छात्र तबरेज आलम ने एक डिजिटल पेमेंट एप में एक बग का पता लगाया है। तबरेज ने तीन महीने के रिसर्च के बाद डिजिटल पेमेंट एप कंपनी को इसकी जानकारी दी। तबरेज ढाका प्रखंड के रामजी दूबे टोला गांव निवासी मो. सनाउल्लाह अंसारी के पुत्र हैं।

उन्होंने दावा किया कि इस बग के कारण डिजिटल पेमेंट एप द्वारा किए गए विभिन्न कंपनियों के मोबाइल सहित अन्य ऑनलाइन शॉपिंग से भारी नुकसान हो रहा है। इसका समाधान नहीं किया गया तो कंपनियों को करोड़ों रुपये का नुकसान आगे भी होता रहेगा। यहां तक कि उन्होंने खुद भी 30 हजार रुपये बचत की है।

बग की पहचान के बाद तबरेज ने उक्त डिजिटल पेमेंट एप कंपनी को जानकारी दी। कंपनी के सुरक्षा विभाग से कॉल व ईमेल के जरिए बातचीत हुई, जिसमें कंपनी ने इस बग का सबूत साझा करने का अनुरोध किया।

तबरेज ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर बग है क्योंकि इससे कंपनी को एक घंटे में करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है, इसलिए कुछ बातों को गोपनीय रखा गया है। उन्होंने बताया कि वे करीब तीन महीनों से इस पर रिसर्च कर रहे थे लेकिन वे 16 मार्च को इस पर पूरी तरह से कंफर्म हो गए। खास बात यह कि इस बग का समाधान भी उन्होंने ढूंढ निकाला है।

एनआईटी, श्रीनगर के निदेशक प्रो. (डॉ.) राकेश सहगल ने कंपनी को और नुकसान से बचाने में मदद करने के लिए तबरेज़ आलम की प्रशंसा की है। उन्होंने दूरभाष पर बताया कि यहां विशेष रूप से प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। लेकिन, ऐसे छात्रों को उच्च स्तर पर पोषण व उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए जीवंत मंच प्रदान करने की जरूरत है।

