बेतिया : मैट्रिक की फे’क मार्कशीट पर बनी शिक्षिका, अब जाना प’ड़ा जे’ल

बेतिया में फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाल शिक्षिका को पुलिस ने मंगलवार को गि’रफ्तार कर लिया। पिछले 9 साल से सरकारी टीचर बबीता कुमारी पहले धो’खाधड़ी से नियुक्त हुई। फिर जब उच्च न्यायालय ने फर्जी शिक्षकों को इस्तीफा देने को कहा तब भी उन्होंने पढ़ाना जारी रखा। आखिरकार पुलिस ने शिक्षिका को गि’रफ्तार कर लिया।

A case of cheating of Rs 27 lakhs filed against the teacher and his  parents; the police is raiding to arrest the accused. | टीचर और उसके  पेरेंट्स के खिलाफ 27 लाख

बेतिया की योगापट्टी थाना क्षेत्र के विश्रामपुर गांव निवासी रविंद्र चौबे की बड़ी बेटी बबीता कुमारी की जॉब शिक्षा मित्र के पद पर 2003 में हुई थी। मुखिया राजेश चौबे द्वारा उन्हें नियुक्त किया गया। उस दौरान शिक्षा मित्र पद पर जॉब के लिए सिर्फ अंकपत्र देखे जा रहे थे, उसकी जांच नहीं की जा रही थी। ऐसे में बबीता नकली अंकपत्र दिखा कर शिक्षा मित्र भी बन गईं और 2003 से ही गांव के ही राजकीय प्राथमिक विद्यालय में प्रधान शिक्षक के पद पर कार्यरत भी हो गईं।

सरकार ने इन्हीं शिक्षा मित्रों को 2006 में पुनः शिक्षक नियोजन के पद पर नियुक्त कर दिया। उस समय बबीता कुमारी की भी जॉब हो गई। तब से वह लगातार इस पद पर है। बबीता की दो बहनें और दो भाई हैं। भाई-बहनों में वह सबसे बड़ी है। बबीता की शादी 2012 में बगहा निवासी ललितेश चौबे के साथ हुई़। बबीता एक बच्चे की मां भी है। शादी के बाद भी बबीता अपने पिता के घर योगापट्टी के बिश्रामपुर में रहकर पढ़ाती थी।

वहीं 2016 में उच्च न्यायालय ने आदेश जारी किया था कि जो भी फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी कर रहे हैं वे स्वेच्छा से त्यागपत्र दे दें। अन्यथा उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। त्यागपत्र नहीं देने वाले पर FIR दर्ज कर जेल भी भेजा जाएगा। इसके बावजूद भी शिक्षिका बबीता कुमारी योगापट्टी प्रखंड के बिश्रामपुर राजकीय प्राथमिक विद्यालय में प्रधान शिक्षक के पद पर बनी रहीं। उच्च न्यायालय के आदेश पर निगरानी विभाग ने जांच शुरू की।

निगरानी ने जांच के दौरान बबीता कुमारी के मैट्रिक का अंकपत्र फर्जी पाया। बबीता कुमारी के अंक पत्र के अनुसार उनकी जन्म तिथि 01-01-1985 है। वहीं, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना के जांच प्रतिवेदन के अनुसार, उनकी जन्म तिथि 01-01-1988 है। इस जन्म तिथि के अनुसार उसकी उम्र 2003 में 15 वर्ष ही थी। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना ने शिक्षिका बबीता कुमारी के मैट्रिक अंकपत्र पर फर्जी की मुहर लगाई है।

इसी के बाद निगरानी ने उन पर योगापट्टी थाने में FIR दर्ज करायी थी। योगापट्टी थानाध्यक्ष अमित कुमार ने निगरानी द्वारा दिए गए आवेदन पर थाना कांड 124/22 दर्ज करते हुए शिक्षिका बबीता कुमारी पर कार्रवाई की। मंगलवार को बबीता कुमारी को गि’रफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया। शिक्षिका बबीता कुमारी शिक्षा विभाग में 2003 से कार्यरत थी। थाना अध्यक्ष ने बताया कि विभाग द्वारा बबीता से दी गई मानदेय की राशि रिकवर की जाएगी।

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