मनरेगा मजदूर अब स्मार्टफोन से हाजिरी बनाएंगे, मास्टर रोल का झंझट हो जाएगा खत्म

औरंगाबाद : मनरेगा की योजनाओं में अब काम करने वाले मजदूरों की हाजिरी नेशनल मोबाइल मानिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) ऐप के माध्यम से बनेगी। अब तक उपस्थिति मास्टर रोल के माध्यम से बनती थी।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार मनरेगा की योजना के तहत क्रियान्वित योजनाओं जिनमें 20 या 20 से अधिक मजदूर कार्यरत हो उनकी उपस्थिति एक अप्रैल 2022 से एनएमएमएस ऐप के माध्यम से लिया जाना है। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।

वीसी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है। डीडीसी मंजू प्रसाद ने बताया कि यह उपस्थिति प्रतिदिन पूर्वाहन 11 बजे तक नेशनल मोबाइल मानिटरिंग सिस्टम ऐप के माध्यम से दर्ज होगा। कार्यस्थल पर मजदूरों की प्रथम तस्वीर पूर्वाह्न 11 बजे तक एवं द्वितीय तस्वीर अपराह्न दो बजे से पांच बजे के बीच लिया जाएगा।

लिए गए तस्वीर को मनरेगा साफ्ट के एप पर अपलोड किया जाएगा। विभागीय निर्देशानुसार इस दिशा में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों एवं पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि डीएम द्वारा इस संबंध में सभी कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है।

बताया कि मूल प्रभार वाले पंचायतों में सभी पंचायत रोजगार सेवक एवं अतिरिक्त प्रभार वाले पंचायतों में बीएफटी के मोबाइल को मनरेगा साफ्ट पर रजिस्टर्ड किया जाएगा एवं उनके मोबाइल में एनएमएमएस एप डाउनलोड किया जाएगा। सभी कार्यक्रम पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि 31 मार्च 2022 तक सभी के मोबाइल में साफ्टवेयर डाउनलोड हो जाना चाहिए।

एक अप्रैल 2022 से सभी पंचायतों में एनएमएमएस से ही मजदूरों की हाजिरी सुनिश्चित की जाएगी। बताया गया कि योजना स्थल पर तस्वीर लेते समय कई बातों का ध्यान रखना होगा। तस्वीर लेते समय सख्ती से कोविड प्रोटोकाल का पालन करना होगा। कार्यस्थल पर मजदूरों का चेहरा स्पष्ट दिखाई देना होगा। कार्यस्थल पर कार्य कर रहे सभी मजदूर दोनों तस्वीर में उपस्थित होंगे। प्रतिदिन दूसरी तस्वीर एनएमएमएस ऐप पर अपराह्न दो बजे से पांच बजे तक लिया जाएगा एवं अपलोड किया जाएगा। अनिवार्य रूप से मनरेगा साफ्ट पर भी उसी दिन अपलोड किया जाएगा। कार्यस्थल के प्रभारी कर्मी यह सुनिश्चित करेंगे कि दूसरी तस्वीर मनरेगा साफ्ट पर भी अपलोड किया गया है। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो प्रभारी कर्मी पर कार्रवाई होगी।

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