पुलिस गश्त में कोताही पर शहरवासी अक्सर सवाल उठाते रहे हैं। पुलिस की लापरवाही की पोल एडीजी एटीएस रवींद्रन शंकरण के औचक निरीक्षण में भी खुल गई। शनिवार को वे शहर में पुलिस गश्त और ड्यूटी का हाल जानने पटना से मुजफ्फरपुर पहुंचे।
पुलिसकर्मियों को उनके पहुंचने की जानकारी हो चुकी थी। इसके बाद भी एडीजी के औचक निरीक्षण के दौरान गश्त और ड्यूटी से 12 थानों के 37 पुलिसकर्मी गायब रहे। थानों में ही ऑन ड्यूटी जवान सोए मिले। एसएसपी ने ड्यूटी से गायब सभी 37 पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
एडीजी जब शहर में पुलिस गश्त का हाल देखने रात में निकले तो आईजी से लेकर एसएसपी तक रात के ढाई बजे तक उनके साथ ऑन रोड रहे। गश्त और थाने की ड्यूटी की पड़ताल के लिए एडीजी के पहुंचने की सूचना मिलते ही कई पुलिसकर्मी रात में भागकर थाने पहुंचे।
देहात के कई थानेदार व दारोगा शहर स्थित आवास थे। वे भी रात में ही भागे-भागे थाने पहुंचे। सबसे अधिक कांटी थाने के सात पुलिसकर्मी शहरी क्षेत्र स्थित आवास से ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाए। ब्रह्मपुरा थाने के दाउदपुर कोठी में शुक्रवार शाम को पिस्टल के बल पर छात्रा से लूट की वारदात हुई थी। फिर भी इस थाने से तीन पुलिसकर्मी ड्यूटी पर नहीं थे।
गायघाट थाना के चार, कटरा थाना के पांच, मीनापुर अंतर्गत पानापुर ओपी के दो, बेनीबाद ओपी के एक, मुशहरी थाना के दो, मीनापुर थाना के दो, ब्रह्मपुरा थाना के तीन, काजी मोहम्मदपुर थाना के तीन, कांटी थाना के सात, मोतीपुर थाना के चार, कथैया थाना के एक और तुर्की ओपी के तीन पुलिस कर्मियों ड्यूटी व गश्त से गायब मिले।
कटरा थाने के पुलिसकर्मी वायरलेस पर गश्त की गलत लोकेशन बताते रहे। वायरलेस पर पूछने पर कटरा थाने की गश्ती पुलिस ने क्षेत्र में होने की बात बताई, जबकि गश्ती जीप थाने में खड़ी थी। ऐसी लापरवाही काजी मोहम्मदपुर व ब्रह्मपुरा पुलिस की भी मिली।
एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि कि शनिवार रात सूबे के सभी जिलों में पुलिस गश्त और ड्यूटी का जायजा लेने के लिए पटना मुख्यालय से डीजीपी से लेकर एडीजी और आईजी तक निकले थे।
इसी कार्यक्रम के तहत मुजफ्फरपुर एडीजी एटीएस आए थे। उन्होंने मुजफ्फरपुर में कुछ संगठनों की संदिग्ध गतिविधियों को लेकर हो रही कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी ली है।