झारखंड के लोहरदगा जिले में इंटरनेट सेवा बं’द कर दी गई है। रामनवमी जुलूस के दौरान रविवार को हुई हिं’सा में समुदाय विशेष के एक व्यक्ति की मौ’त हो गई है। घ’टना सदर थाना क्षेत्र के भोक्ता बगीचा के पास हुई है। करीब दर्जन भर लोग घा’यल हुए हैं। घा’यलों में पांच लोगों को बेहतर इलाज के लिए RIMS रे’फर किया गया है। हा’लात को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर अगले आदेश तक सेवा स्थ’गित की गई है।
रविवार रात करीब 11 बजे से इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा हिंसा प्रभावित इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है। प्रशासन ने सभी तरह के धार्मिक जुलूस व सभा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। प्रशासन व पुलिस की टीम प्रभावित इलाकों में कैंप कर रही है। सोमवार की सुबह सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया।
अनुमंडल पदाधिकारी लोहरदगा की ओर से इस संबंध में दो अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। पहले आदेश में कहा गया है कि लोहरदगा जिला अंतर्गत किसी भी प्रकार की धार्मिक सभा, धार्मिक अनुष्ठान एवं धार्मिक जुलूस के आयोजन के लिए दिए गए आदेश को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए रद्द कर दिया गया है।
वहीं दूसरे आदेश में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोहरदगा थानान्तर्गत ग्राम हिरही, ग्राम कुजरा, ग्राम कुर्से एवं संबद्ध गांवों में धारा 144 लागू की गई है। इसके तहत इस क्षेत्र में 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के एक साथ जमा होने पर रोक लगाई गई है।
इस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के घातक हथियार आने पर प्रतिबंध लगाया गया है। सिख समुदाय के धार्मिक प्रतिकों के इस्तेमाल तथा वृद्ध, दिव्यांग लोगों को छड़ी या लाठी इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है।
दरअसल 10 अप्रैल को शाम करीब साढ़़े पांच बजे रामनवमी जुलूस के दौरान ग्राम हिरही में दो गुटों के बीच पथराव और झड़प हो गई। इसके बाद उपद्रवियों ने कई जगहों पर आगजनी की।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोहरदगा जिले में सुरक्षा बल की कई दुकड़ियां तैनात की गई हैं। रैप, आईआरबी, जैप, सैट, जिला पुलिस बल के जवानों ने शहर सं लेकर ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर मोर्चा संभाल लिया है। सांप्रदायिक हिंसा की घटना के बाद लोहरदगा शहर में सोमवार को भाजपा और हिंदू संगठनों की ओर से शहर को बंद कराने का प्रयास किया गया। इसकी सूचना मिलने के बाद एसडीओ अरविंद कुमार लाल, एएसपी अभियान दीपक कुमार पांडे, एसडीपीओ वशिष्ठ नारायण सिंह, सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक मंटु कुमार ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया। हालांकि बंद समर्थक प्रारंभ में मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद एसडीओ ने धारा 144 लगे होने की बात कहकर समझाने के बाद बंद कराने वाले लोग माने। लोहरदगा शहरी क्षेत्र से लेकर गांव-गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। रांची जोन के डीआईजी अनिस गुप्ता के साथ पुलिस और खुफिया विभाग के कई पदाधिकारी भी पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं।
